संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल।
संत शिरोमणी गुरु रविदास महाराज का 646वीं जयंती समारोह ढिंढासर आश्रम में रविवार को महंत बालकदास के संरक्षण में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी मुख्यातिथि थी, जबकि अध्यक्षता जिला प्रमुख डा. राकेश कुमार ने की। पीएनबी के एलडीएम विजय सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस मौके पर चेयरपर्सन कमलेश सैनी ने कहा कि संत शिरोमणी गुरु रविदास सच्चे समाजसेवक एवं महापुरुष थे। उन्होंने जाति-पाति से उठकर सबको अन्न और सबको समानता से जीने के अधिकार का सिद्धांत दिया था। उन्होंने कहा कि आज हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रविदास अंधविश्वास के घोर विरोधी थे और उनके जैसा कोई संत उस युग में नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके दोहे एवं उपदेश हमें आज भी प्रेरणा देते हैं और कर्म पर विश्वास रखने का संदेश देते हैं। उन्होंनेेेकहा कि उनके दोहों को गुरुग्रंथ साहेब में जगह मिली है। कमलेश सैनी ने कहा कि उनको सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब मिलकर उनके बताए मार्ग पर चलें और भेदभाव रहित समाज की स्थापना करें। जिला प्रमुख डा. राकेश कुमार ने कहा कि रविदास ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने की पहल की थी। उनका मानना था कि जीवन में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, अपितु व्यक्ति को उसके कर्म छोटा या बड़ा बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। उनकी विचारधारा को हमें जीवन में उतारने की आवश्यकता है। जिला प्रमुख ने कहा कि उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा दिया और अंधविश्वास पर करारा प्रहार किया। उनकी नजर में सब एकसमान हैं और उनके मार्ग पर चलकर आज भी हम समाज, प्रदेश एवं देश को मजबूत बना सकते हैं। इस मौके पर रविदास महासभा के पूर्व प्रधानों, मेधावी विद्यार्थियों, छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य लोगों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन रतनलाल सुधाकर ने किया, जबकि समापन पर रविदास महासभा के प्रधान बलबीरसिंह बबेरवाल ने उपस्थित जनों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में नगर पार्षद काशीराम, पूर्व तहसीलदार लालाराम नाहर, पूर्व बैंक मैनेजर चंदनसिंह जालवान, बीसी गोठवाल, महासभा के फाउंडर रामकुमार ढहीनवाल, अशोक दास नारनौलिया, लोकराम, अशोक दास नारनौलिया, सूबेदार फूलसिंह, सुरेश ठेकेदार, बाबूलाल, शिवराम नंबरदार, प्यारेलाल चौहान, रघुबीर नाहड़, भीम आमी प्रधान प्रीत्तम, सुरेंद्र महल, राजकुमार निंबल, राजपाल गोरा व महाशय जगराम समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।