महेंद्रगढ़। शाम ढलते ही शहर की गलियां जयकारों से गूंज उठीं। रथों पर सवार राम की सेना आगे बढ़ रही थी, सामने रावण की ललकार थी। दोनों तरफ से शब्दों के बाण चले और फिर मैदान में धधक उठी बुराई की लंका। आसमान आतिशबाजी से जगमगा गया और पूरा शहर राममय हो गया।
पिछले दस दिन से चल रही शहर की तीनों रामलीला कमेटियों ने बाजारों के बीच रथों पर राम-रावण युद्ध की झांकी निकाली। शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर कुल सात पुतले जलाए गए। देर रात तीनों रामलीलाओं में भगवान राम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन हुआ।
आदर्श रामलीला कमेटी की झांकी शाम 6 बजे सैनी पुरा के हनुमान मंदिर से शुरू हुई। यह 11 हट्टा बाजार, परशुराम चौक, सब्जी मंडी रोड और शॉपिंग कांप्लैक्स होते हुए ताऊ देवीलाल पार्क पहुंची। यहां राम और रावण के बीच संग्राम हुआ और अंत में श्रीराम की जीत हुई।
पार्क में 45 फीट ऊंचे दस मुंह वाले रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाद के 45-45 फीट के पुतले जलाए गए। करीब दो हजार से ज्यादा लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि राव रमेश पायलट रहे। राम की भूमिका में सुरेश गोस्वामी, लक्ष्मण नवीन कुमार, हनुमान गोविंदराम सैनी और रावण पंकज सैनी रहे।
हनुमान रामलीला कमेटी ने आंबेडकर चौक से मुख्य मार्गों से झांकी निकाली। खेल स्टेडियम में राम-रावण का भयंकर युद्ध हुआ और 51 फीट के रावण का दहन किया गया। कमेटी के राजेश सैनी ने जानकारी दी। राम बने रेविन गोरा, लक्ष्मण प्रथम भारद्वाज, सीता जितेंद्र वर्मा, हनुमान कमल सैनी और रावण राहुल शर्मा उर्फ टीट्टू रहे।
रामलीला परिषद कमेटी ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान में 51 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए। प्रधान दलीप गोस्वामी ने बताया कि झांकी परशुराम चौक, सराफा बाजार, मोहल्ला निमड़ी नीचे और मोहल्ला पड़ाव से गुजरी। राम की भूमिका में विकास भारद्वाज, लक्ष्मण विनय भारद्वाज, हनुमान विक्रम सैनी और रावण बिट्टू सैनी रहे।