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ऐसे कैसे सुधरेंगे लिंगानुपात के आंकड़े

Mon, 22 Jun 2015 01:04 AM IST
ब्यूरो/नारनौल
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जिला में लिंगानुपात की स्थिति बहुत ही भयावह है। वर्ष 2014 तक जिले में 1000 लड़कों पर यहां 738 ही लड़कियां पैदा हुई थी। जिले की इस भयावह स्थिति को अमर उजाला ने लगातार जनवरी और फरवरी माह में प्रकाशित किया था। इसके बाद सकते में आए जिला प्रशासन ने कई जगह छापामारी की और अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील किया था। बाद में चिकित्सकों के विरोध पर अभियान पर विराम लग गया। अब फिर से भ्रूण हत्या जैसे मामले में डॉक्टर के पकड़े जाने से सवाल खड़ा हो गया है कि ऐसे कैसे जिले में लिंगानुपात के आंकड़ों में सुधार आएगा। हालांकि प्रशासन
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दावा कर रहा है कि अभियान जारी रहेगा
बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने किलारोड स्थित चौधरी क्लीनिक पर रविवार को छापा मारा। जहां से गर्भपात की दवाईयों व उपकरणों का जखीरा बरामद हुआ है। कागजी कार्रवाई करने के बाद डीएसपी विवेक सिंह और राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को एमटीपी एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। नगराधीश रोहित यादव इस टीम के ड्यूटी मजिस्ट्रेट थे। वहीं डिप्टी सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार, डा. अरुण कालरा, डा. धर्मेश सैनी, डा. वर्तिका टीम में शामिल थे।

गर्भपात की दवाइयां और उपकरण मिले
टीम ने क्लीनिक से गर्भपात कराने के उपकरण, एमपीपी, ऑक्सीटॉक्सिन इंजेक्शन, गर्भपात कराने की दवाइयां आदि बरामद की हैं। इन्हें सील कर टीम अपने साथ ले गई। उपकरण और दवाइयां रखने के लिए डा. चौधरी को पास कोई लाइसेंस भी नहीं है।
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डीसी पहली बार पहुंचे कार्रवाई पर
जिला में किसी अस्पताल या क्लीनिक पर हुई छापामारी में आमतौर पर चिकित्सकों की टीम ही पहुंचती है, मगर रविवार को हुई इस छापामारी में चिकित्सकों की टीम के अलावा डीसी अतुल कुमार और सीटीएम रोहित यादव भी रहे।

करीब चार घंटे चली कार्रवाई
टीम द्वारा करीब चार घंटे कार्रवाई की गई। टीम ने सुबह साढ़े नौ बजे क्लीनिक पर छापा मारा था। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे तक टीम कार्रवाई में जुटी रही। छापामार कार्रवाई के दौरान लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। किला रोड क्षेत्र में मोहल्ले ज्यादा होने के कारण मोहल्लों के लोग कार्रवाई देखने के लिए क्लीनिक तक आ गए। उन्हें वहां से हटाने में पुलिस को मशक्कत भी करनी पड़ी।

पांच चिकित्सकों पर केस दर्ज
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि अभी तक जिले के पांच चिकित्सकों के खिलाफ अल्ट्रासाउंड मशीनों में अनियमितताएं पाए जाने का केस दर्ज हो चुका है। ये मामले अब कोर्ट में विचाराधीन हैं।

जिला में 30 अल्ट्रासाउंड मशीनें
जिला में 30 के करीब अल्ट्रासाउंड मशीनें विभिन्न केंद्रों, चिकित्सकों के पास हैं। इनमें सबसे ज्यादा नारनौल, फिर महेंद्रगढ़, कनीना और नांगल चौधरी में हैं।
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