नारनौल। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में न्यायाधीश अमनदीप दीवान की विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक कठोर कारावास (06 पॉक्सो एक्ट के तहत) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस मामले में महिला थाना नारनौल पुलिस ने वर्ष 2021 में अभियोग दर्ज किया था। मामले में उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश कर आरोपी को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती। मामले के अनुसार वर्ष 2021 अप्रैल में नाबालिग के पिता ने महिला थाना नारनौल पुलिस को एक शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया गया कि 22 अप्रैल को आरोपी केशव उसे शराब के ठेके पर मिला था, शराब पीने के बाद केशव ने खाना खाने की बात कही तो वह उसे अपने घर ले गया। खाना खाने के बाद आरोपी केशव वहीं सो गया। पिता ने बताया कि सुबह वह आरोपी केशव को घर पर सोया हुआ छोड़कर खेत में तारबाड़ इकट्ठी करने के लिए चला गया था। इसी दौरान आरोपी ने उसकी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। महिला थाना नारनौल पुलिस द्वारा बिना किसी विलंब के अभियोग अंकित किया गया। इसके बाद जांच इकाई द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया। विशेष अदालत ने अभियोग में सुनवाई करते हुए आरोपी केशव कुमार निवासी बदोपुर नारनौल को अंतिम सांस तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने जिला महेंद्रगढ़ के सभी प्रबंधक थाना, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध व पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत पर बिना देरी के अभियोग अंकित करें।