फोटो नंबर-23भागवत कथा का श्रवण करती महिलाएं।
नारनौल। समीपवर्ती गांव डोहर खुर्द में संगीतमय श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को पंडित बजरंग शास्त्री ने भागवत कथा में बताया कि श्रीमद् भागवत साक्षात नारायण का स्वरूप है। मुक्ति प्रदाता है। भागवत के आरंभ में सबसे पहले सत्य को प्रणाम किया गया है। सत्य में ही राम हैं, सत्य में ही कृष्ण है और सत्य में ही शिव है। इसलिए लिखा है सत्यम शिवम सुंदरम।
आचार्य ने बताया कि घर परिवार का पालन पोषण करना धर्म है, लेकिन हर एक श्वांस में प्रभु का नाम स्मरण होता रहे यही मानव जीवन का परम धर्म है। संगीतमय श्री मदभागवत कथा में सर्वप्रथम मनीष निर्मल शास्त्री, प्रशांत शास्त्री व अशोक शर्मा ने मुख्य यजमान भोलाराम शर्मा एवं विकास शर्मा को परिवार सहित विधिविधान से सभी देवताओं का पूजन करवाया।