फोटो संख्या:73- गांव धनौंदा में हवन के दौरान संबोधित करते स्वामी शिवानंद महाराज--स्रोत-आयोजक
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कनीना। गांव धनौंदा स्थित कृष्णानंद महाराज के आश्रम रक्षाबंधन मनाया गया। गद्दी पर विराजमान शिवानंद महाराज ने श्रावणी पूर्णिमा पर यज्ञ का आयोजन किया।
स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा राखी का बंधन बहुत बड़ा बंधन है। इसका उदाहरण है एक बार भगवान श्री कृष्ण को कहीं चोट लग गई थी। इससे उनके हाथ में खून बह रहा था तो उस पर द्रौपदी की नजर पड़ी तो उन्होंने बिना देरी की अपने कीमती पहने हुए वस्त्र को फाड़कर उनके हाथ में बांध दिया था जहां से खून निकल रहा था। वहीं भगवान श्री कृष्ण ने उसे राखी का बंधन मान लिया और समय-समय पर हर विपत्ति में उनकी रक्षा की।
जो बहन किसी भाई के हाथ पर राखी रूपी कच्चा धागा बांधती है तो उस भाई द्वारा हमेशा उस बहन की सुख दुख में रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हमें इस महान यज्ञ के कार्यक्रम में अवश्य ही एक बुराई छोड़कर जानी चाहिए ताकि हम समाज के प्रति सजग रहे।
इस अवसर पर बाबा कृष्णानंद ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल यादव, व्यवस्थापक कैलाश गोयल, उप प्रधान कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय सिंह आर्य, उप कोषाध्यक्ष डॉ. फतेहचंद दायमा, वरिष्ठ सदस्य आनंद सिंगल, मखनलाल आचार्य, अशोक चौहान, नरेंद्र शास्त्री, विनय चौहान, योगेश कुमार, सतीश कुमार, योगेंद्र शर्मा, देव शास्त्री, दीपांशु तंवर मौजूद रहे।