फोटो नंबर- 14नारनौल में शाम के समय बूंदाबांदी के दौरान सड़क से गुजरते वाहन। संवाद
नारनौल/नांगल चौधरी। एक बार फिर बादल छाने से मौसम का मिजाज बदल गया। वीरवार को हल्की बारिश होने से थ्रेसिंग कार्य ठप हो गया है।बदलते मौसम को देख किसान चिंतित हो उठे हैं।
पिछले कुछ दिनों से धूप न निकलने और बीच-बीच में हल्की बारिश के कारण खलिहान में पड़ी सरसों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सप्ताह भर पहले बारिश होने से सरसों की थ्रेसिंग का कार्य भी गति नहीं पकड़ पाया।
बारिश के बाद दो-तीन से अच्छी धूप निकलने पर किसानों ने कटी हुई फसल को सुखाकर थ्रेसिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू की थी लेकिन वीरवार को फिर से हल्की बारिश होने से कार्य प्रभावित हो गया।
किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की फसलों की कटाई लगभग पुरा हो चुका है, लेकिन थ्रेसिंग कार्य अंतिम चरण में है। किसानों को डर है कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 26-27 मार्च के दौरान एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इसके बाद 29-31 मार्च के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान तेज गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की संभावना बन रही है।