नारनौल-महेंद्रगढ़। जिले में वीरवार की सुबह हुई मुसलाधार बारिश से जहां लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली वहीं बाजार से लेकर अस्पताल तक सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर में दुकानों और अस्पताल की ओपीडी व डाक्टरों के कक्ष में पानी घुस गया जिससे मरीज परेेशान रहे।
तड़के चार बजे अचानक मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई। इसके बाद सुबह आठ से नौ बजे तक एक घंटे तक मुसलाधार बारिश हुई जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं नगर परिषद की नालो व नालियों की सफाई व्यवस्था की पोल भी खुल गई। शहर के कई बाजार, मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाके पानी भर गया। जलनिकासी नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मानसून से पहले नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई के दावे किए गए थे। उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ नालों का निरीक्षण करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए थे लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन तैयारियों की हकीकत सामने आ गई।
शहर के कई हिस्सों में घंटों तक पानी भरा रहा। पार्क रोड और पुल बाजार की कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया जिससे दुकानदारों को सुबह दुकानें खोलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर के बरसाती पानी की निकासी के लिए सबसे महत्वपूर्ण छलक नाले की समुचित सफाई नहीं होने के कारण छोटे नालों का पानी भी नहीं निकल सका। पार्क रोड, पुल बाजार, पुलिस लाइन के सामने, चांदूवाड़ा, रावका, संघीवाड़ा, पुरानी कचहरी मार्ग, महेंद्रगढ़ रोड, हुडा सेक्टर, माली टिब्बा, खड़खड़ी, नलापुर, मंडी क्षेत्र, नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड और बिजली कार्यालय के मुख्य द्वार पर सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया।
नागरिक अस्पताल में छत का निर्माण कार्य अधूरा होने का खामियाजा मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भुगतना पड़ा। बारिश का पानी छत से रिसकर ओपीडी और कई चिकित्सकों के कक्षों में भर गया। कर्मचारियों को पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, जबकि उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
वर्जन:
बारिश के बाद नालों का निरीक्षण किया गया। छलक नाले की सफाई ठेकेदार की ओर से ठीक से नहीं कराई गई जिससे समय पर जलनिकासी नहीं हुई। ठेकेदार को बुलाया गया है और अगर दो-तीन दिन में उसने कार्य पूरा नहीं किया तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-जोगिंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद, नारनौल।
वर्जन:
बारिश के दौरान जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या थी, वहां निरीक्षण किया गया। जो खामियां है वह जल्द दूर की जाएंगी। आगामी दिनों में होने वाले स्टॉर्म वाटर लाइन के कार्य से जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।-कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।