नारनौल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को नांगल चौधरी में इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब (आईएमएलएच) के रेल यार्ड से पहली मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई। करीब 280 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह रेलवे कनेक्टिविटी राज्य के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूती देगी। यह परियोजना एनसीआर को सीधे पश्चिमी बंदरगाहों से जोड़ेगी जिससे माल ढुलाई तेज और किफायती होगी।
मुख्यमंत्री ने इस शुरुआत को हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी का यह हब रेल और सड़क दोनों संपर्कों को आपस में जोड़ता है। आईएमएलएच परियोजना पहले चरण में करीब 408 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही है। इसकी कुल लागत 1300 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत आगे आने का आह्वान किया।
सीएम ने निवेशकों व उद्योगपतियों के साथ की बैठक
सीएम ने निवेशकों व उद्योगपतियों के साथ भी बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केवल एक रेलगाड़ी को रवाना नहीं किया गया है, बल्कि यह हरियाणा की नई आर्थिक रफ्तार को हरी झंडी दिखाई गई है। इस दौरान महिंद्रा ग्रुप सहित निवेशक व उद्योगपति पहुंचे।
देश की प्रमुख 50 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल
यह परियोजना हरियाणा के लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगी। यह देश की शीर्ष 50 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। इसके पूरी तरह तैयार होने पर सालाना 20 लाख कंटेनरों का प्रबंधन संभव होगा। इससे ऑटोमोबाइल, मशीनरी, गारमेंट्स और कृषि उत्पादों जैसे उद्योगों को सीधा फायदा होगा।
क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इस हब के संचालन से पूरे इलाके में रोजगार और व्यापार के नए रास्ते भी बनेंगे। सरकार ने इस क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले ही पूरी कर दी हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम व रेल मंत्रालय के उपक्रम डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने किया।
उत्तर प्रदेश के दादरी से मुंबई तक जुड़ेगा जिला
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के दादरी से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से गुजरता है और महाराष्ट्र में मुंबई के पास जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक जाता है। इसकी कुल लंबाई करीब 1,506 किलोमीटर है। इसका उद्देश्य बंदरगाहों को देश के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ना है।
दो चरणों में होगी पूरी परियोजना
यह पूरी परियोजना दो चरणों में कुल 886 एकड़ के विशाल भूभाग पर आकार ले रही है। फिलहाल पहले चरण में 408 एकड़ में काम पूरा हो चुका है। यहां आधुनिक माल ढुलाई, भंडारण और वस्तुओं की लदाई-उतराई की व्यवस्था की गई है।
हरियाणा की प्रगति में साझेदार बनें उद्यमी : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश के प्रमुख उद्यमियों से सार्वजनिक-निजी सहभागिता के तहत निविदाओं में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक केंद्र हरियाणा की प्रगति यात्रा में सक्रिय साझेदार बनने का अवसर देगा। यह क्षेत्र आने वाले समय में एक प्रमुख आर्थिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव उपस्थित रहे। इनके अलावा एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान, मनीष अवस्थी, जितेंद्र श्रीवास्तव, विवेक त्यागी के अलावा अन्य नागरिक मौजूद थे।