राजकीय महाविद्यालय विकसित भारत-2047 के लिए शोधपत्र लेखन प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन काॅलेज परिसर में प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में किया गया। यह विमोचन भारतीय शिक्षण मंडल हरियाणा प्रांत के सह शालेय प्रमुख डाॅ. सत्यपाल शास्त्री, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थियों की उपस्थिति में किया गया।
भारतीय शिक्षण मंडल युवा आयाम की ओर आयोजित की जा रही इस अखिल भारतीय शोध लेखन प्रतियोगिता का उद्देश्य विकसित भारत -2047 के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। छात्र छात्राओं के एनईपी-2020 को लेकर किए गए प्रश्नों व जिज्ञासाओं का निदान किया गया। डाॅ. सत्यपाल शास्त्री ने छात्र-छात्राओं को बताया कि हायर एजुकेशन में अब पहले की तरह आर्ट साइंस कामर्स न होकर छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए मल्टी डिस्पलेनेरी पाठ्यक्रम लागू किए जा चुके हैं।
उन्होंने ओरिएंटेशन में बोलते हुए कहा कि यूजी कक्षाओं से ही शोध की गुणवत्ता में वृद्धि करने और भारत केंद्रीत अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर विजन फॉर विकसित भारत-2047 नामक शोधपत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। शोधपत्र लेखन में किसी भी विषय में पढ़ रहे स्नातक कक्षाओं के छात्र-छात्राएं, परास्नातक, पीएचडी ओर 40 वर्ष तक की आयु के कोई भी प्रोफेसर भाग ले सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन हेतु अंतिम तिथि 7 अगस्त व शोधपत्र जमा कराने हेतु अंतिम तिथि 31 अगस्त तक निश्चित है। शोध पंजीयन आदि पूरी तरह से निशुल्क हैं और www.bsmbharat.org वेबसाइट पर जाकर कोई भी छात्र या प्रोफेसर्स अपना पंजीयन स्वयं भी कर सकते हैं। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय अटेली के प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र कुमार ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत-2047 के लिए अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण करें।
इस अवसर पर प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र कुमार व भारतीय शिक्षण मंडल से हरियाणा प्रांत के सह शालेय प्रमुख डाॅ. सत्यपाल शास्त्री, डिफेंस स्टडीज के प्रोफेसर डाॅ. राजेश सैनी, डाॅ. राजेश, डाॅ. अक्षत कुमार, डाॅ. सुमेश कुमार, डाॅ. सत्यजित, डाॅ. संजय शर्मा, डाॅ. नीरज चौहान आदि फैकल्टी मेंबर्स और अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।