नारनौल। जिले की मंडियों में बाजरे की लगातार खरीद की जा रही है। शुक्रवार तक जिले की अनाज मंडियों में शुक्रवार तक 8 हजार क्विंटल के करीब बाजरा खरीदा गया। मंडियों में 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब में बाजरा खरीदा जा रहा है जबकि शुरुआत में 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीदा जा रहा था, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा था। वहीं अब तक सरकारी खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं।
बता दें कि सरकार की तरफ से इस बार बाजरे का समर्थन मूल्य 2500 रुपये निर्धारित किया गया है। बीते वर्ष बाजरे का समर्थन मूल्य 2350 रुपये था, लेकिन इस वर्ष समर्थन मूल्य में 150 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि सरकार की तरफ से समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं किया है।
बाजरे की पैदावार कम होने से बढ़ रहे बाजरे के भाव
बाजरे का इस बार उत्पादन अन्य वर्षों की तुलना में कम रहा है। इसके पीछे जिले में अगस्त माह में बारिश का कम होना और फसल में कीट लगना है। ऐसा नहीं है कि जिले में ही बाजरे का उत्पादन कम हुआ है, बल्कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी बाजरे का उत्पादन कम हुआ है। इसकी वजह से नारनौल मंडी में अभी से जोधपुर, बीकानेर तक के व्यापारी बाजरे की मांग कर रहे हैं। बाजरे की मांग अधिक होने की वजह से बीते दो दिन में ही दो सौ रुपये तक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
नारनौल मंडी में 1900 क्विंटल बाजरे की हो चुकी है खरीद
नारनौल मंडी में बीते दस दिन से किसान बाजरा लेकर आ रहे हैं। वीरवार को करीब तीन सौ क्विंटल बाजरा किसान लेकर पहुंचे। इसके साथ दस दिन में अब तक करीब 1900 क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। हालांकि अभी किसान कटाई-कढ़ाई में जुटे हुए है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी सप्ताह में मंडियों में बाजरे की आवक में बढ़ेगी।
जिले की मंडियों में 8 हजार क्विंटल के करीब हुई बाजरे की खरीद
एक सितंबर से अब तक जिले की नारनौल, महेंद्रगढ़, अटेली, कनीना व नांगल चौधरी मंडी में 7746 क्विंटल के करीब बाजरे की खरीद हो चुकी है। इसमें नारनौल मंडी में 1900 क्विंटल, अटेली मंडी में 5243 क्विंटल व कनीना मंडी में 861 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है।