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कोरोना से जंग: बाजार से गायब हुआ पल्स ऑक्सीमीटर

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कोरोना संकट में अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हुई और अब बाजार से पल्स ऑक्सीमीटर भी नदारद हो गए। इसके अलावा कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दवाओं का संकट, जिंक-विटामिन सी की भी कमी चल रही है। शहर के मेडिकल स्टोर पर पल्स ऑक्सीमीटर खरीदने पहुंचे तीमारदारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। केमिस्टों का कहना है कि अधिक मांग के अनुरूप निर्माता कंपनियां आपूर्ति नहीं दे पा रही हैं इस कारण पल्स ऑक्सीमीटर की कमी हो रही है। दूसरा कंपनियों ने ऑक्सीमीटर के दाम भी बढ़ा दिए हैं। 700 रुपये में मिलने वाला ऑक्सीमीटर 1500 रुपये में भी नहीं मिल रहा। जिन मेडिकल स्टोरों के पास पहले से स्टॉक था वो कालाबाजारी कर रहे हैं।
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जिले में इस समय करीब 7693 से ज्यादा मरीज संक्रमित हैं। इनमें 702 एक्टिव केस है। अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जबकि, 100 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। किसी भी मरीज को होमआइसोलेशन किए जाने के पहले उसके पास पल्स ऑक्सीमीटर, बुखार की जांच के लिए थर्मामीटर, सैनिटाइजर व मॉस्क के अलावा चिकित्सकों की लिखी दवाएं होना जरूरी रहता है, लेकिन इस समय मेडिकल स्टोरों में पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध नहीं है। 600 से 700 रुपये में मिलने वाला यह उपकरण लोग डेढ़ से दो हजार में खरीदने को तैयार हैं, लेकिन दिल्ली से आने वाला मॉल ही मेडिकल स्टोर वालों को उपलब्ध नहीं हो रहा है। बेपोराइजर भाप यंत्र 100 से 300 रुपये कीमत वाला बढ़े दामों में बिक रहा है। इसका भी स्टाक कम है। इसके अलावा 100 रुपये में आने वाला थर्मामीटर 150 रुपये में बिक रहा है। मॉस्क व सैनिटाइजर के भी दाम बढ़ गए हैं।
कोविड संबंधित टेबलेट की हुई कमी :
संक्रमण के दूसरे फेज में कोविड से संबंधित दवाओं की सप्लाई मुश्किल से मिल रही थी। विटामिन सी और जिंक के साथ कोविड संक्रमण में आमतौर पर उपयोग होने वाली दवाओं का भी टोटा हो गया है। बाजार में डाक्सी-1-एलडीआर-फोरटे कैप्सूल, मयुसिनैक-600एमजी, मोनटेयर-एलसी, फेबिफ्लू, ऐजी-500, जीफी 200, लिमसी आदि दवाओं की कमी चल रही है।
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ऑक्सीमीटर के लिए आगे से माल नहीं आ रहा। कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। 600 से 700 रुपये का ऑक्सीमीटर 1500 से 1700 रुपये कर दिए हैं। नेबुलाइजर मशीन के दाम भी बढ़ा दिए हैं। कंपनी सप्लाई भी नहीं दे पा रही। ऑर्डर वेटिंग में चल रहा है।
-अनिल तिवाड़ी, थोक व्रिकेता, मेडिकल।
बाजार में कोविड संबंधित दवाइयां शार्ट पड़ी रही हैं। मेडिकल स्टोरों पर जिंक और विटामिन सी, डॉक्सी एलडीआर, मयुसिनैक, मोनटेयर, फेबिफ्लू आदि दवाइयां मिल नहीं रही। पिछले कुछ दिनों से डिमांड भेजी हुई है, लेकिन डिमांड के अनुरूप माल नहीं आ रहा।
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-गोपेश महता, केमिस्ट
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