नारनौल। नगर परिषद ने शहर के मुख्य मार्गों पर लगाई गई तिरंगा लाइटों को प्रचार बोर्ड ढकते जा रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है।
नगर परिषद द्वारा इन लाइटों पर किसी भी प्रकार के विज्ञापन या बोर्ड लगाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कुछ लोग खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए नगर परिषद ने महेंद्रगढ़ रोड, सिंघाना रोड और रेवाड़ी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर तिरंगा लाइटें लगाकर शहर की सुंदरता में चार चांद लगाए थे लेकिन अब कुछ व्यापारी और राजनीतिक दल अपने प्रचार-प्रसार के लिए इन लाइटों पर बोर्ड, बैनर और पोस्टर लगाकर उनकी चमक फीकी कर रहे हैं।
नगर परिषद के डीएमसी ने हाल ही में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि तिरंगा लाइटों पर किसी प्रकार का विज्ञापन या पोस्टर लगाना हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1989 (हरियाणा अधिनियम संख्या 11, 1990) के तहत दंडनीय अपराध है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की कैद का प्रावधान है।
नगर परिषद के अनुसार, इन बोर्डों को हटाने में न केवल समय और श्रम की बर्बादी होती है, बल्कि इससे तिरंगा लाइटों की पेंट और पॉलिश भी उतर जाती है, जिससे उनमें जंग लगने और खराब होने की स्थिति पैदा हो रही है। फिलहाल नगर परिषद ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
वर्जन
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए तिरंगा लाइटें लगवाई गई हैं। इन पर अगर बोर्ड लगे हैं तो तुरंत हटवाया जाएगा। यदि लोग फिर भी नहीं मानते हैं तो नगर परिषद द्वारा जुर्माना कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।-विकास शर्मा, जेई नगर परिषद नारनौल।