पब्लिक ट्रांसपोर्ट के विकास और सुविधाओं के हिसाब से महेंद्रगढ़ के लिए वर्ष -2016 मिला जुला रहा। यहां अधिकतर पुराने प्रोजेक्टों पर ही काम हुआ। इसके अलावा कई क्षेत्रों में विकास न के बराबर हुआ। सड़क परिवहन और रेलवे में अधिकतर पुराने प्रोजेक्ट पर ही काम चला। अभी भी रेलवे और सड़क पर कुछ प्रोजेक्टों पर काम जारी है। जिले की अधिकतर सड़कों पर रिपेयरिंग का काम हुआ है। बहुत से गांवों में सड़कें आज भी टूटी हैं। यहां पर आज भी धूल के गुबार उड़ रहे हैं। जिले को मिले तीन नेशनल हाईवे में से एक पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। रेल मंडल की तरफ से नारनौल में पुराने प्रोजेक्ट चल रहे हैं जबकि महेंद्रगढ़ में रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य हुए हैं। आठ गाड़ियां भी नई चलाई गई हैं। कनीना, सतनाली, बुचावास रेलवे स्टेशनों पर भी बीकानेर मंडल ने काम करवाए हैं। नारनौल बस डिपो ने इस बार 14 रूटों पर नई बसें चलाई हैं। यानी 2016 में महेंद्रगढ़ को ट्रांसपोर्ट की दृष्टि से कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं मिला है। टूटी सड़कों के कारण ग्रामीणों ने जाम भी लगाए हैं। फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन भी हावी रहा। इससे रेलवे और बस डिपो को करोड़ों रुपये का घाटा हुआ था। कई दिनों तक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
महेंद्रगढ़ रूट पर चली चार ट्रेनें
वर्ष-2016 महेंद्रगढ़ रेलवे ट्रैक के लिए बहुत शानदार रहा। इस रेलवे ट्रैक पर दो पैसेंजर गाड़ियां सीकर से रेवाड़ी, एक सादलपुर-दिल्ली पैसेंजर और सीकर-दिल्ली एक्सप्रेस गाड़ी मिली है। इसके अलावा रेलवे प्लेटफॉर्म पर करीब 50 लाख रुपये का निर्माण कार्य हुआ है। महेंद्रगढ़ स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में 30 लाख रुपये की पहली किश्त भी मिली है। इसके अलावा स्टेशन पर आरओ वाटर और एवीटीएम भी लगाई गई है। कनीना में रिजर्वेशन विंडो की शुरूआत की गई है। बुचावास रेलवे स्टेशन पर लाइटें लगाई गई और सतनाली रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-भगत की कोठी एक्सप्रेस गाड़ी का ठहराव किया गया है। नारनौल रेलवे ट्रैक पर इस वर्ष कोई प्रोजेक्ट या गाड़ियां नहीं चली। इस समय नारनौल ट्रैक पर रेलवे कॉरिडोर और इलेक्ट्रिक रेलवे लाइन का काम चल रहा है। ये दोनों ही प्रोजेक्ट पुराने हैं। स्टेशन पर एवीटीएम लगाई गई है।
16 रूटों पर चली नई बसें
वर्ष-2016 में नारनौल डिपो के 12 नई बसों के चलाने पर डिपो के बस बेड़े में बढ़ोतरी नहीं हो पाई। डिपो ने सभी बसें कंडम बसों के स्थान पर चलाई हैं। इसके अलावा डिपो ने अलग-अलग गांवों को बस के माध्यम से शहर से जोड़ने का प्रयास किया है। लोकल एरिया में डिपो ने 10 नए रूट बनाए हैं जबकि 6 लंबे रूट बनाए हैं। लंबे रूटों में चांग रोड से जयपुर वाया सतनाली-महेंद्रगढ़, दिल्ली से झुंझुनू वाया नारनौल, महेंद्रगढ़ से जयपुर वाया अटेली-बहरोड इसके अलावा और भी रूटों पर बसें चलाई गई हैं।
130 सड़कों की रिपेयरिंग के लिए आए थे 98 करोड़
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के पास प्रदेश सरकार की तरफ से 98 करोड़ रुपये की राशि आई थी। इन सड़कों पर काम की शुरूआत अप्रैल माह में कर दी गई थी जिनमें से कुछ सड़कों पर काम पूरा हो चुका है जबकि शेष पर काम जारी है। यह काम अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है। इस वर्ष नारनौल से चरखी दादरी रोड और महेंद्रगढ़ से सतनाली रोड की मरम्मत की गई है।
जाट आंदोलन से रेल और बस को हुआ नुकसान
प्रदेश का जाट आंदोलन का भूलाया नहीं जा सकता है। इस आंदोलन में हरियाणा के बस डिपो को एवं रेलवे बोर्ड को भारी नुकसान हुआ था। रेलवे बोर्ड ने महेंद्रगढ़ रेलवे ट्रैक पर सात आठ दिन तक रेल सेवाएं बंद कर दी गई थी जिससे रेलवे बोर्ड को इस रूट से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके अलावा परिवहन विभाग को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था कई बसें आग के हवाले कर दी गई थी जबकि बस यातायात भी कुछ दिनों के लिए बाधित रहा था। इस आंदोलन से नारनौल डिपो को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके अलावा जिले में कुछ स्थानों पर टूटी सड़कों के लिए ग्रामीणों ने जाम भी लगाए। नांगल सिरोही के ग्रामीण टूटी सड़क एवं उड़ती धूल के कारण इस वर्ष चार से पांच बार जाम लगा चुके हैं।
नेशनल हाई-वे पर नहीं बनी बात
जिले के तीन नेशनल हाई-वे पास हैं। इसमें से दो नेशनल हाईवे पहले के पास थे जबकि एक नेशनल हाई-वे हांसी से रेवाड़ी वाया महेंद्रगढ़ को इस वर्ष मंजूरी मिली है। सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने जिले को पिछले दो वर्षों में दो नेशनल हाईवे की मंजूरी दिलाई है, जबकि नांगल चौधरी से हांसी पहले स्टेट हाईवे मंजूर था लेकिन दो वर्ष पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने इस नेशनल हाईवे की मंजूरी दिलवा दी थी। इस पर काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। इसके अलावा बीकानेर से रेवाड़ी वाया नारनौल हाईवे प्रोजेक्ट पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वर्ष नेशनल हाईवे हांसी से रेवाड़ी वाया बाढ़डा, सतनाली, महेंद्रगढ़, कनीना, कोसली, रेवाड़ी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।