मंडी में धरने पर बैठे किसान संगठन के सदस्य।
नारनौल। एमएसपी पर तत्काल बाजरे की खरीद शुरू करने व फसल खराबे का मुआवजा 50 हजार प्रति एकड़ देने की मांग को लेकर किसान संगठन पदाधिकारियों ने नई अनाज मंडी नारनौल में मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान कामरेड बलबीर सिंह ने की। जिसका संचालन जिला सचिव डाॅ. वृतपाल सिंह ने किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मार्केट कमेटी सचिव को सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि बाजरा इस इलाके की मुख्य फसल है, जिसकी अगेती बुआई होने के कारण बाजरा की फसल की कटाई व कढ़ाई हो गई है। जबकि पिछले 10 दिनों से नारनौल मंडी में लगभग 2 हजार क्विंटल बाजरा बिक्री के लिए आ चुका है। एमएसपी पर बाजरा खरीद नहीं होने के कारण किसानों को औने-पौने दामों में अपनी फसल को बेचना पड़ रहा है। इससे एक किसान को 700 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि खरीफ फसल बाजरा में पहले जड़ों में सूखा रोग लगने, फिर सिट्टे में बहुभक्षी कीड़े लगने तथा आखिर में सूखे से किसानों को 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अनुमान है, लेकिन अफसोस की बात है कि किसानों को मुआवजा से वंचित रखने के लिए राजस्व विभाग ने 24 प्रतिशत ही नुकसान दर्शाया है, जबकि कृषि विभाग अटेली, नारनौल व नांगल चौधरी सहित जिला के ब्लाक में नरभक्षी कीड़े व सूखा प्रभावित क्षेत्रों में 50 से 70 प्रतिशत नुकसान को स्वीकार कर रहे हैं।
इस प्रकार राजस्व विभाग के 24 प्रतिशत तक नुकसान में मुआवजा का कोई प्रावधान नहीं होने के कारण इलाके के किसानों को मुआवजा से वंचित रखने का काम किया है। जिससे किसानों में भारी रोष है। सरकार ने यदि जल्द ही एमएसपी पर बाजरा खरीद शुरू नहीं की और फसल खराबे का प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा नहीं दिया गया तो जिला भर की अनाज मंडियों में धरना प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस अवसर पर अभय सिंह, यादराम, महावीर यादव, सीताराम, मास्टर सूबे सिंह, छाजूराम रावत, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद खरब, ओमप्रकाश, शेर सिंह, ईश्वर सिंह, श्रीराम, हंस राज, भीमसेन व संजय यादव आदि मौजूद रहे।