फोटो संख्या:41- आरपीएफ के जवान ऑटो चालकों को बाहर जाने के लिए कहते हुए
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रेलवे परिसर में अंदर नहीं घुसने देने पर आटो चालकों ने रोष जताया। इस मौके पर आटो चालकों ने आरपीएफ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद आटो चालक शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिलने के लिए उनके आवास गए लेकिन मंत्री के महेंद्रगढ़ नहीं होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। वहीं रेलवे स्टेशन से आटो नहीं चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी करनी पड़ी। कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य को जाना पड़ा। देर शाम तक आटो चालकों की हड़ताल जारी थी। आरपीएफ ने बताया कि आटो चालकों रेलवे परिसर में आटो खड़े करने की अनुमति नहीं है।
आटो चालक दिनेश, विरेंद्र, सतीश, नरेश, अजय, हनुमान, देवेंद्र, सुनील आदि ने बताया कि आरपीएफ चौकी इंचार्ज उनको रेलवे स्टेशन के अंदर नहीं घुसने दे रहे हैं। जिसके कारण उनको बाहर बाजार में ही आटो लगाने पड़ रहे हैं। इससे बाजार में जाम लग जाता है । दुकानदार अपनी दुकानों के सामने 0आटो नहीं खड़ा करने देते। जिसके कारण तीन दिन से उनको भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि स्टेशन कंपाउंड में नहीं जाने के कारण उनके आटो में सवारियां नहीं बैठ रही हैं। जिससे उनको रोजाना नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस बात को लेकर प्रभारी से मिले भी थे, मगर उन्होंने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। हड़ताल के दौरान आटो संचालकों ने रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर प्रदर्शन भी किया। आरपीएफ प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा जब निजी वाहनों को अंदर आने दिया जा रहा है तो उनके आटो को अंदर क्यों नहीं आने दिया जा रहा।
आटो चालक डीआरएम बीकानेर या एनडब्ल्यूआरएम जीएम का लेटर लेकर आएं, उसके बाद ही इनको अंदर घुसने दिया जाएगा। ऑटो चालक अंदर सवारी छोड़कर जा सकते हैं, परिसर में आटो लेकर रुक नहीं सकते। ऑटो अंदर खड़े होने से सवारियों को दिक्कत हो रही है।
- गजानंद शर्मा, आरपीएफ चौकी इंचार्ज, महेंद्रगढ़।