फोटो 21दृष्टिबाधित कन्या विद्यालय का निरीक्षण करते ललित बत्रा। विभाग
नारनौल। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने सोमवार को खड़खड़ी मोहल्ला स्थित दृष्टिबाधित कन्या विद्यालय का दौरा किया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा सभ्य समाज का आधार है।
इइस दौरान उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और छात्राओं के साथ संवाद कर उन्हें उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
न्यायमूर्ति बत्रा ने कहा कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का उतना ही अधिकार है जितना समाज के किसी भी अन्य नागरिक को। उन्होंने यह भी जोर दिया कि दिव्यांगता मानवाधिकारों में बाधा नहीं बन सकती और राज्य का दायित्व है कि छात्राओं के लिए समान अवसर और बाधा-रहित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों की पहचान करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर अध्ययन पर ध्यान देने का संदेश दिया।
इससे पहले न्यायमूर्ति बत्रा ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पुलिस अधीक्षक दीपक जेवरिया, नगराधीश डॉ. मंगल सेन और जिला परिषद के सीईओ निर्मल नागर के साथ मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बैठक भी की।