महेंदगढ़। शुष्क हवाएं व हीटर का अधिक प्रयोग आंखों के लिए समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। सर्दी में ठंडी हवाओं से आंखों की नमी कम हो जाती है। इससे आंखों में जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो रही हैं। आंखों की नमी बनाए रखने के लिए दिन में अधिक पानी पीएं और कृत्रिम आंसू का इस्तेमाल करें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड जरूरी होते हैं। सर्दियों में हरी सब्जियां, गाजर, संतरा और नट्स जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
पोषक तत्व आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं। सर्दी में लैपटॉप, मोबाइल और टीवी स्क्रीन पर समय बिताने की आदत बढ़ जाती है। इससे आंखों में तनाव और सूखापन हो सकता है। इसलिए हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
ठंडे मौसम में हीटर और ब्लोअर का उपयोग आंखों की नमी कम कर देता है। ठंडी और शुष्क हवाओं से बचने के लिए बाहर जाते समय धूप का चश्मा पहनें। अधिक परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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सर्दियों में इन रोगों से हो सकती है परेशानी
आंखों में जलन, खुजली, लाली और सूखापन महसूस होना ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण हैं। कंजक्टिवाइटिस यानी आंखों में जलन, लाली और पानी आना है। ब्लेफराइटिस यानी पलकों के किनारे सूजन, खुजली और जलन होना है। इनका मुख्य कारण प्रदूषण, ठंडी हवा ही हैं। शुष्क मौसम के कारण आंखों में नमी की कमी हो जाती है जिससे आंखों में जलन, चुभन और खुजली महसूस हो सकती है। ठंडी हवा से आंखों की सतह पर रक्त संचार प्रभावित होने से आंखें लाल और सूजन होने लगती है। ठंड और ड्राई आई के कारण आंखों की ग्रंथियां अति सक्रिय होने बार-बार आंसू आने की समस्या बन सकती है।
इस तरह कर सकते हैं नेत्र रोगों से बचाव
-दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
-आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार लें।
-ठंडी व शुष्क हवा और धूल से बचाने के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
-हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
-कमरे में पानी का कटोरा रख सकते हैं ताकि नमी बनी रहे।