फोटो नंबर-23पुलिसकर्मियों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत-पुलिस
नारनौल। पुलिस लाइन में रविवार को विश्व एड्स दिवस पर सिविल हॉस्पिटल की टीम द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन कुमार, नर्सिंग ऑफिसर कृष्ण कुमार, एड्स काउंसलर दिनेश, लैबोरेट्री टेक्नीशियन ऑफिसर नीतू मौजूद रहीं।
इस दौरान डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके बाद प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को एड्स के बारे में जानकारी दी। टीम ने बताया कि एचआईवी एड्स के फैलने के कारणों मे संक्रमित सुई, संक्रमित रक्त और एचआईवी मां से उसके बच्चे में होने का खतरा होता है।
टीम के द्वारा पुलिसकर्मियों की एचआईवी जांच की गई, जिनमें सभी की जांच रिपोर्ट ठीक मिली। टीम ने पुलिसकर्मियों को एचआईवी एड्स के संक्रमण के फैलने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एड्स असुरक्षित यौन संपर्क, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित औजारों, सुइयों के प्रयोग से तथा संक्रमित गर्भवती मां से उसके पैदा होने वाले शिशु में संक्रमण होने का खतरा होता है।
साथ ही बताया कि एड्स कभी भी छींकने, खांसने, हाथ मिलाने, साथ-साथ रहने, एक साथ भोजन करने, मच्छरों के काटने से या कीड़े मकौड़ों से नहीं फैलता हैं।
डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि जिले में नागरिक अस्पताल व सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की एचआईवी की जांच व परामर्श निशुल्क दिया जाता है। इसके अलावा अन्य एफआईसीटीसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी की जांच निशुल्क है। उन्होंने बताया कि मरीजों को एचआईवी एड्स की दवा निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।