नारनौल। शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद भी सोमवार को शहर की ज्यादातर निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाया गया। प्रदेश में 1 जनवरी से 15 जनवरी तक के लिए सरकारी और गैर सरकारी सभी स्कूलों में शीतकालीन छुट्टी रहेगी, लेकिन जिला में कुछ ऐसे भी स्कूल है, जो शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी शीतकालीन छुट्टियों में स्कूल खोल रहे हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ जारी पत्र में खंड शिक्षा अधिकारियों व खंड संसाधन संयोजकों से कहा गया था कि अपने-अपने खंड में विभागीय आदेशों का पालना करवाना सुनिश्चित करें। लेकिन पहले ही दिन शिक्षा विभाग के आदेशों की पालना नहीं की गई। सोमवार को सुबह से निजी बसे सड़काें पर दौड़नी शुरू हो गई थी। अब खंड शिक्षा अधिकारी ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई कर सकते हैं। इसके लिए विभाग की तरफ से पहले ही पत्र जारी कर दिया गया था। उसमें कहा गया था कि निजी विद्यालय अवकाश के दौरान खुला पाया जाता है, तो उक्त विद्यालय पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पहली से आठवीं तक रखी छुट्टी तो 9वीं से ऊपर के बुलाए बच्चे
शहर की अनेक स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक छुट्टी रखी गई, लेकिन 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को बुलाया गया। वहीं कुछ स्कूलों में छोटी कक्षाओं के बच्चों को भी बुलाया गया। हालांकि शिक्षा विभाग की तरफ से ऐसी स्कूलों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर दी गई है।
शीतलहर ने बच्चों को ठिठुरने के लिए किया मजबूर
शायद शहर के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ठंड नहीं लगती है। ऐसा इसलिए कह रहे है कि शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी बच्चों को निजी स्कूल संचालक स्कूल में बुला रहे हैं। शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर में 1 से 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से स्कूल बंद रखने के लिए आदेश जारी किया था।
खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जांच करेंगे। अगर कोई स्कूल खुली मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।