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बसों में नौनिहालों की जिंदगी दांव पर

Thu, 21 Apr 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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प्राइवेट स्कूल की बसों की जांच - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निजी स्कूलों की बसों में 60 हजार विद्यार्थियों की जिंदगी दांव पर है। कोर्ट के आदेश के बाद भी बसों में बच्चों की सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए हैं। बुधवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने टीम के साथ जब कई निजी स्कूलों का जायजा लिया तो कई खामियां सामने आईं।  बता दें कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश के स्कूल संचालकों को स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस सहित कई आवश्यक उपकरण लगाने का आदेश दिए थे लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। इसी को लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य कुमारी दीपा जैन नेे टीम के साथ 6 स्कूलों की जांच की। जिनमें बहुत सी खामियां भी पाई गई और उन्हें जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके साथ जिला शिक्षा अधिकारी संतोष तंवर, आरटीए विभाग से असिस्टेंट सेक्रेटरी सुरेंद्र सिंह, ट्रैफिक एएसआई चांद राम, अशोक भारद्वाज थे।
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पहले ही थी टीम के आने की खबर
बुधवार को निजी स्कूलों की बसों को जांचने के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य कुमारी दीपा जैन और उनके साथ अनेक अधिकारी पहुंचे। टीम को पहुंचने से, पहले कुछ स्कूलों को पहले से ही खबर लग चुकी थी जिसको लेकर उन्होंने अपनी तैयारियां पूरी कर ली। इस दौरान स्कूल संचालकों अपने पुरानी और कंडम बसों को अधिकारियों की नजरों से दूर रखा केवल नई बसें ही उन्हें दिखाई गई। एक नामी निजी स्कूल की प्रबंधक कमेटी के सदस्य टीम के स्वागत में पहले ही गुलाब का फूल लेकर खड़े थे।

मई में फिर होगी जांच
बाल अधिकारी संरक्षण आयोग की सदस्य दीपा चौधरी ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों को निर्देश दे दिए गए हैं बसों में जो भी कमियां हैं। उन्हें पूरी करें। उन्होंने बताया कि वे अपनी यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में सबमिट कर देंगी। मई में कोर्ट के आदेश पर फिर से बसों की चेकिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरटीए विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी स्कूलों की बसों को समय-समय पर चेक करे जो बसें मापदंड पूरा नहीं कर रहीं उन पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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