रेवाड़ी। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद माजरा एम्स में इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी। शुरुआत में प्रत्येक वर्ष 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पत्र के अनुसार एम्स प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने एमबीबीएस कोर्स शुरू करने की अनुमति दी है। एम्स में मेडिकल कोर्स शुरू होने से यहां स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधरेगा।
मेडिकल छात्रों के आने से अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। साथ ही आने वाले समय में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह एम्स में ओपीडी शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसके बाद एम्स प्रशासन ने विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। राव इंद्रजीत सिंह ने तीन माह पूर्व माजरा एम्स का निरीक्षण किया था।
इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन को ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए थे। एम्स प्रशासन ने फरवरी में विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिससे एम्स में ओपीडी शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई थी। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने पर भी मुहर लगा दी है।
राव इंद्रजीत का कहना है कि एम्स में ओपीडी शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। अब एमबीबीएस में 50 सीटें भी मिल गई हैं। इससे पूरे दक्षिण हरियाणा क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
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प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में किया था शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को माजरा में देश के 22वें एम्स का शिलान्यास किया था। यह एम्स 210 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने से दक्षिणी हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान की सीमा से सटे इलाकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। एम्स शुरू होने से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी और अलवर जिलों के लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एम्स पर करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मनेठी में 2015 में एम्स निर्माण की घोषणा की थी।
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अब सामने आया सकारात्मक परिणाम
एम्स संघर्ष समिति मनेठी के अध्यक्ष कैलाश चंद ने बताया कि माजरा स्थित एम्स में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू कराने की मांग वे लंबे समय से लगातार उठा रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर जल्द कोर्स शुरू करने की मांग की गई थी। अब इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। समिति के प्रवक्ता राजेंद्र सिंह ने बताया कि इसको लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया गया था। अब एम्स में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू कराने की जानकारी मिलने से काफी राहत मिली है।
कुछ पदों के लिए वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलना बाकी
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कार्यालय की ओर जानकारी दी गई है कि एम्स प्रशासन को भविष्य में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए और विज्ञापन जारी करने हैं। कुछ पदों के लिए वित्त मंत्रालय से अभी मंजूरी नहीं मिली है, जिसकी जल्द मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की ओर से तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भरने के लिए वित्त व्यय विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही वित्त मंत्रालय से बात कर फाइलों को मंजूरी मिलेगी ताकि तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भी भरा जा सके।