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Mahendragarh-Narnaul News: आईटीआई में नए भवन के लिए तैयारियां शुरू, एस्टीमेट तैयार

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महेंद्रगढ़। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पुराने भवन व नए भवन बनाने के लिए संस्थान में एस्टीमेट बनाकर लोक निर्माण विभाग व उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके लिए संस्थान की ओर से तैयारियां शुरू कर दी है। प्रथम चरण में संस्थान के पुराने भवन का तोड़ने का एस्टीमेट होगा व दूसरे चरण में नए भवन बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। संस्थान में करीब 21 ट्रेड में 41 यूनिट के 668 विद्यार्थियों को भवन के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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1963 में बने आईटीआई के पुराने भवन को लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसे न तो तोड़ा गया है और न ही नए भवन को लेकर कोई योजना तैयार की गई है। जगह के अभाव में प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण भी प्रभावित हो रहा है। नए भवन को लेकर तीन वर्ष पहले मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में मांग रखी गई थी। आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। जर्जर भवन को लोक निर्माण विभाग ने लगभग तीन वर्ष पहले कंडम घोषित कर दिया था।
हालांकि, संस्थान की ओर से प्रशिक्षुओं पर पुराने भवन में जाने पर पाबंदी लगाई हुई है, लेकिन अब विभाग की ओर से फाइल को उच्च अधिकारियों के पास भेज दी गई है। जैसे ही अप्रूवल आते ही नए भवन को तोड़ने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। संयुक्त पंजाब के समय 27 मई 1963 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह की ओर से इसका शुभारंभ किया गया था। प्रशिक्षुओं और स्टाफ के लिए भी 61 वर्ष पुराने इस भवन में जाना खतरे से खाली नहीं है।
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70 कमरों की आवश्यकता, उपलब्ध हैं महज 30
नए भवन में प्रशिक्षुओं के लिए 30 कमरे हैं, जबकि इस समय लगभग 70 कमरों की आवश्यकता है। नए भवन में मात्र एक वर्कशॉप है, ऐसे में जिम्मेदारों की ओर से इस चार भागों में बांटकर वेल्डर, मशीनिस्ट, ट्रैक्टर, टर्नर ट्रेड के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक कक्षा के अंदर चार-पांच मशीनें ही लग पाई हैं। एक कमरे में एक ट्रेड की दो या तीन यूनिट के विद्यार्थी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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वर्जन:
आईटीआई के पुराने भवन को तोड़ने के लिए एस्टीमेट बना लिया गया है। इस एस्टीमेट को लोक निर्माण विभाग व उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जब तक आदेश नहीं मिलते, पुराने भवन में विद्यार्थियों व स्टाफ के जाने पर पाबंदी लगाई गई है।
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- संदीप कुमार, इंचार्ज आईटीआई, महेंद्रगढ़
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