महेंद्रगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की प्री बोर्ड की परीक्षाएं 27 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा को देखते हुए खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से दो माह तक खेल नर्सरियों में गतिविधियां नहीं कराने का निर्णय लिया है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बता दें कि कॉमनवेल्थ, एशियन व ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रदेश में शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियां चलाई जा रही हैं। खेल नर्सरियों में विद्यार्थियों को एक फरवरी से 31 मार्च तक अभ्यास में छूट दी गई है, लेकिन सरकारी खेल सेंटरों में कार्यरत शिक्षकों को नियमित रूप से उपस्थित रहना होगा। वहीं स्कूलों व खेल सेंटर में चल रहीं नर्सरियों में कोई विद्यार्थी अभ्यास करना जारी रखना चाहता है तो वह कर सकता हैं, लेकिन अभ्यास करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन भत्ता नहीं मिलेगा। इसके अलावा खेल नर्सरियों में कार्यरत शिक्षकों को भी दो माह का मासिक मानदेय नहीं दिया जाएगा। एक अप्रैल से खेल नर्सरी में अभ्यास और खेल गतिविधियां पूर्व की भांति संचालित होंगी।
नर्सरी में शामिल हैं 8 से 19 आयु वर्ग के खिलाड़ी
प्रदेश सरकार की ओर से खिलाड़ियों की पौध तैयार करने के लिए शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियां चलाई जा रही हैं। खेल नर्सरी 8 से 19 वर्ष आयु वर्ग में विद्यार्थियों का नर्सरी में चयन किया जाता हैं। 8 से 11 वर्ष के विद्यार्थियों को 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं 15 से 19 आयु वर्ग में खिलाड़ियों को हर माह दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाते है। इसके अलावा खेल नर्सरियों में कार्यरत शिक्षकों को भी मासिक मानदेय दिया जाता है। एक खेल नर्सरी में अधिकतम 25 खिलाड़ी को शामिल किया जा सकता है। वहीं प्रत्येक खिलाड़ी को माह में कम से कम 22 दिन उपस्थित रहना जरूरी होगा तभी उन्हें डाइट राशि व अन्य सुविधा दी जाती हैं।
शिक्षण संस्थानों को परीक्षाएं शुरू होने के कारण विभाग ने दो माह तक खेल नर्सरियों में गतिविधियां संचालित नहीं कराने का फैसला लिया हैं। क्योंकि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। इसी दौरान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि व शिक्षको को मानदेय नहीं दिया जाएगा।
-मदनपाल, जिला कार्यकारी खेल अधिकारी।