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Mahendragarh-Narnaul News: प्रदूषण और ठंड से बढ़ रहा हृदय रोग का खतरा, रोज 20 से 30 मरीज आ रहे

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रेवाड़ी। ठंड के मौसम के साथ-साथ बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों की सेहत पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। बुधवार को एक्यूआई 328 दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा प्रभाव हृदय रोगियों पर देखने को मिल रहा है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 30 मरीज हृदय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव, ठंड और प्रदूषित हवा के कारण हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी दिक्कतों के मामले बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
वहीं प्रदूषण के कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। खासकर बुजुर्गों, पहले से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए यह मौसम अधिक जोखिम भरा होता है।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉ. गौरव यादव के अनुसार सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना और दिल की धड़कन तेज होना हृदय संबंधी समस्या के संकेत हो सकते हैं। कई बार लोग इन्हें गैस या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।


इस मौसम में कैसे करें बचाव
हृदय रोग से बचाव के लिए ठंड और प्रदूषण दोनों से सावधानी जरूरी है। सुबह-शाम खुले में टहलने से बचें, खासकर जब प्रदूषण का स्तर अधिक हो। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें। अचानक ठंडे वातावरण में जाने से बचना चाहिए।
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खानपान और दिनचर्या पर दें ध्यान
डॉ. गौरव यादव ने बताया कि इस मौसम में खानपान संतुलित होना चाहिए। नमक और तैलीय भोजन कम लें, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना जरूरी है। नियमित दवाइयों का सेवन समय पर करें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें। हल्का व्यायाम, योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल कर तनाव से दूर रहें।
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समय पर इलाज है सबसे जरूरी
फिजिशियन डॉ. गौरव यादव का कहना है कि समय रहते उपचार से हृदय रोगों को गंभीर होने से रोका जा सकता है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें ताकि समय पर जांच और इलाज मिल सके।
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