फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में सुनाईं कविताएं

Mon, 22 Sep 2025 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नारनौल। अखिल भारतीय साहित्य परिषद शाखा नारनौल की ओर से हिंदी पखवाड़े के तहत रविवार की शाम ऑनलाइन काव्य गोष्ठी हुई। इसमें शामिल रचनाधर्मियों ने अपनी कविताएं सुनाईं।
शाखाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि गूगल मीट पर आयोजित इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. रामनिवास मानव रहे। अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज भारत ने की। परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. जगदीप शर्मा राही विशिष्ट अतिथि रहे।
विज्ञापन

परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. कृष्णा आर्या ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कीई। रेवाड़ी के देवीराम ने जन-जन का सपना है हिंदी..कविता सुनाई। डॉ. दीपक मेवाती ने दलित विमर्श पर एक कविता सुनाई। पंचकूला के अनिल शर्मा चिंतक ने अंग्रेजी उपयोग को मानो मत अभिशाप, हिंदी के उपयोग को करो सुनिश्चित आप...सुनाकर वाहवाही लूटी।
ओशिन शुक्ला साक्षी ने अपनी कविता मन-मौन की व्यथा...सुनाई। डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने हिंदी को अगर है बढ़ाना राज की भाषा बनाना पड़ेगा...सुनाई। डॉ. पंकज गौड़ ने गीत सुना कर सभी में जोश भर दिया। डॉ. जगदीप शर्मा राही ने भारत मां के भाल की बिंदी हिंद के दिल का हाल है हिंदी... सुना कर हिंदी के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया।
विज्ञापन

डॉ रामनिवास मानव ने वर्तमान समय में विश्व एवं राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी कि स्थिति की विवेचना की व अपने मार्मिक दोहे सूख गई संवेदना, मरी मनो की टीस, अब कोई रोता नहीं एक मरे या बीस जैसे अनेक दोहे सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें