फोटो नंबर- 15पत्रकार वार्ता में उपस्थित निजी प्ले स्कूल एसोसिएशन के सदस्य। स्रोत-संस्था
नारनौल। शिक्षा विभाग की तरफ से जिले में 89 प्ले स्कूलों को गैर मान्यता प्राप्त घोषित करने के बाद मंगलवार को प्ले स्कूल एसोसिएशन की तरफ से प्रेस वार्ता बुलाई।
नारनौल में प्ले स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान विपिन सैनी ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के दबाव में शिक्षा विभाग प्ले स्कूलों बेवजह परेशान कर रहा है। इसी के चलते शिक्षा विभाग ने जिला के गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट में केवल प्ले स्कूलों को शामिल किया है, जबकि यह गलत है।
जिन प्ले स्कूलों को लिस्ट में शामिल किया गया है, वे लगातार कई साल से मान्यता ले रहे हैं तथा इस बार भी रिन्यू के लिए फाइलें लगी हुई हैं। एसोसिएशन के जिला प्रधान ने कहा कि प्ले स्कूल शिक्षा विभाग के अंडर नहीं आते थे। प्ले स्कूल महिला एवं बाल विकास विभाग के अंडर आते हैं। वहीं जिला के लगभग सभी प्ले स्कूल लगातार कई सालों से महिला एवं बाल विकास विभाग से मान्यता ले रहे हैं।
इंसेट
हर साल होता है निरीक्षण
एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि प्ले स्कूलों का हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा निरीक्षण किया जाता है। उनके द्वारा बताए गए सभी डॉक्यूमेंट लगाए जाते हैं। फिर उनकी मान्यता को रिन्यू किया जाता है। फिर इसमें शिक्षा विभाग बीच में दखलअंदाजी क्यों कर रहा है।