नारनौल। शहर के बाजार में होली पर्व को लेकर जगह-जगह रंगों की दुकानें सजी हुई है। यहां विभिन्न प्रकार के रंग और गुलाल रखे हैं। इन सभी रंगों में होली खेलने के लिए आप अच्छे रंगों को प्रयोग करें नहीं तो हानि भी पहुंच सकती है।
चिकित्सकों के अनुसार नेचुरल व हर्बल रंग का ही प्रयोग करना चाहिए। इसमें किसी प्रकार का लोभ न करें अन्यथा यह आपकी त्वचा को हानि पहुंचा सकते हैं। बाजार में गुलाल के अलावा जो पक्का रंग मिलता है, उससे भी आप बचने का प्रयास करें। पक्का रंग चेहरे पर ज्यादा नुकसान पहुंचाता है और कई दिनों तक जब वह चेहरे से नहीं उतरता तो लोग उसे उतारने के लिए चेहरे को ज्यादा रगड़ना शुरू कर देते हैं। जिससे त्वचा पर एलर्जी हो जाती है। होली खेलते समय आंखों को भी विशेष रूप से बचाकर रखना चाहिए क्योंकि रंग आंखों में जाने से नुकसान पहुंचा सकता है। होली यदि रंगों से बचकर केवल अच्छे गुलाल से खेली जाए तो ज्यादा बेहतर होती है।
होलिका दहन व फसल कटाई पर विशेष ध्यान रखें : शिवराज
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम नारनौल डिविजन के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह चौहान ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि होलिका दहन व स्थान का चुनाव करते समय विशेष सावधानी बरतें। बिजली उपकरणों के नजदीक होलिका दहन ना करें। बिजली लाइनों के नीचे ऐसा बिल्कुल भी ना करें क्योंकि आग की लपटों से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसी के साथ-साथ बिजली लाइनों के नीचे कटी हुई फसल ना रखें। इससे आग लगने का खतरा बना रहता है।
हमें बाजार में मिलने वाले कैमिकल युक्त रंगों को छोड़कर सूखे रंगों का प्रयोग करना चाहिए। बाजार में बिकने वाले हल्के स्तर के रंग त्वचा को तो नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा अगर सांस के माध्यम से फेफड़ों में चला जाए तो संक्रमण भी हो सकता है। हल्के रंग से त्वचा के रोग हो सकते हैं जिसमें तेज जलन होने लगती है। इसलिए स्कीन को बचाने के लिए होली खेलने से पहले नारियल का तेल लगाकर होली खेले। नारियल का तेल लगाने से स्किन ड्राई हो जाती है और रंग जल्दी उतर जाता है व रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ती।
डॉ. आनंद शर्मा, चर्म रोग विशेषज्ञ
होली खेलते समय आंखों का विशेष ध्यान रखे। इसमें पानी के गुब्बारे बच्चे सीधे आंखों को निशाना बनाकर न मारे और न ही रंग को आंखों में फेंके। यदि आंखों में रंग चला जाए तो आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए। आंखों में किसी प्रकार का गुलाब जल या अन्य कुछ न डाले। अगर आंखों में ज्यादा दिक्कत हो तो चिकित्सक की परामर्श लें। ऐसे व्यक्ति जिन्होंने 10-15 दिन पहले ही आंखें बनाई है वे होली खेलने से बचे रहे तो बेहतर रहेगा। ध्यान रहे आंखों में ज्यादा रंग या गंदा पानी जाने से आंखों की रोशनी तक भी जा सकती है इसलिए रंगों का प्रयोग आंखों को बचाकर ही करें।
डॉ. प्रखर गोयल, नेत्र रोग विशेषज्ञ
शहर के नागरिक अस्पताल में होली पर्व को वैसे कोई अलग वार्ड नहीं बनाए गए है। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में हमारे पास काफी बैड है और यहां सभी को उपचार दिया जाएगा। होली को लेकर स्टाफ व चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई, जो हर उपचार के लिए तैनात रहेंगे।
डाॅ. सर्वजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नारनौल।