स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए टीम कभी भी शहर का दौरा कर स्वच्छता की जानकारी ले सकती है। लेकिन, इसके लिए नप की तैयारियां अधूरी हैं। मोहल्लों में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है और डस्टबिन से भी कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। नप का शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य सौ फीसदी शुरू नहीं हो सका है। लाखों रुपये से खरीदे गए दस वाहन अभी भी चालक के अभाव में खड़े हैं।
बता दें कि चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का सर्वे शुरू हो गया है। इसके लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी शहर का दौराकर जानकारी ले सकती है। लेकिन, नप पूरे शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर नहीं कर सका है। शहर के कई हिस्सों से कूड़े का नियमित उठान नहीं हो पा रहा है। कूड़े के ढेर गलियों में लगे हुए हैं। ऐसे में यदि टीम जल्द आ गई तो सफाई में नंबर कटने तय हैं क्यों कि स्वच्छता सर्वेक्षण में हर कार्य के लिए अंक बंटे हैं। इसमें सीटिजन फीडबैक के 1500 अंक हैं जो लोगों के जवाब पर निर्भर है। इसमें टीम सर्वेक्षण के दौरान लोगों से प्रश्न पूछेंगी। ऐसे में इस बारे में लोगों को जागरुक करने का काम नप है। हालांकि नप ने इसके लिए 42 सक्षम युवाओं को लगाया है ताकि टीम को बेहतर फीडबैक मिल सके।
वहीं शहर के टायलेटों के अंदर और बाहर कूड़े पड़े हुए हैं। कई जगहों पर पब्लिक टायलेट टूटे भी हैं। अभी तक 25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है। बीस नए वाहन मिलने के बाद उन्हें वार्डों में नहीं भेजा जा सका है। उनके लिए चालक ही उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। लाखों रुपये से खरीदे गए 10 वाहन नप कैंपस में खड़े हैं। इसके अलावा गीला-सूखा कूड़े को अलग-अलग पर कोई ध्यान नहीं हैं।
खुद करें या दूसरे से कराएं पर संशय
सरकार ने नप को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए तीन माह पहले ही स्वीकृत दी थी। तब नप ने इसे ठेकेदार से कराने का निर्णय लिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर नप ने 20 नए वाहन खरीदे गए। इसके बाद इन वाहनों पर चालक नियुक्ति कर खुद डोर- टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना बनाई। जल्दबाजी में राज्यमंत्री से शुभारंभ करा दिया गया। इसके बाद भी नए पुराने मिलाकर करीब 15 वाहनों को संचालित किया जा रहा है। 10 वाहन अभी भी प्रयोग में नहीं हैं। अब नप दोबारा से टेंडर देने की योजना पर काम कर रहा है क्यों कि खुद चालक लगाने से कई औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। ठेके पर होने से यह कार्य खुद ठेकेदार करेगा।
नप को बीस नए टेंपो मिले हैं। सभी को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगाना है। नप का प्रयास है कि इस कार्य को आउटसोर्स पर दिया जाए। इसके लिए टेंडर जल्द जारी किया जाएगा। अभी करीब 15 वाहनों की मदद से कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। सफाई कर्मी 15 दिन से पूरे जोरशोर से शहर की सफाई में लगे हैं।
- अनिल कुमार, सचिव नप नारनौल
ट्रायल के रूप के सिटीजन फीडबैक लिया
नारनौल। स्वच्छ भारत मिशन के संयोजक जितेंद्र सिंह मंगलवार को आईटीआई, नप कार्यालय से महावीर चौक बाजार व बस स्टैंड पर लोगों से स्वच्छता के बारे में फीड बैक लिया। उन्होंने लोगों ने सफाई के बारे 13 प्रश्नों के बारे में जानकारी ली। जिससे पता किया जा सके लोगों को सिटीजन फीडबैक की जानकारी है या नहीं। संयोजक जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनके साथ सक्षम युवाओं की टीम थी। यह ट्रायल के रूप में फीडबैक लिया गया है। जिससे पता चल सके कि लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जानकारी है या नहीं। उन्होंने बताया कि आईटीआई, बाजार और बस स्टैंड पर अच्छा फीडबैक मिला है। अन्य जगहों पर भी लोगों से फीडबैक लिया जाएगा। टीम ने लोगों से से डोर-टू- डोर कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी आती है या नहीं के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा गीला व सूखे कूड़े को अलग-अलग करने के बारे में, क्या अपने घर में अलग-अलग करते हैं या नहीं आदि प्रश्न पूछे गए।