कनीना। उपमंडल के गांव सेहलंग में बस स्टैंड पर सड़क के साथ बने नाले की सफाई नहीं होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजकीय चिकित्सा केंद्र के सामने कीचड़ फैलने से लोग परेशान हैं। इसके अलावा साथ ही लगते स्कूल के सामने भी दूषित पानी की समस्या है। आसपास के दुकानदार व ग्रामीणों ने इस समस्या के बारे में सरपंच व उपमंडल के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है। ग्रामीण कृष्ण, विनय बंसल, राकेश पीटीआई, रामलाल कबाड़ी, रामनिवास बंसल, परमानंद गुप्ता, कुलदीप खेतान बताया लोक निर्माण विभाग की ओर से इस नाले का निर्माण दो वर्ष पहले किया गया था। विभाग की ओर से नाले का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। बारिश के मौसम में इस नाले में जमा गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क में जमा हो गया। इस जमा दूषित पानी के कारण यहां के दुकानदारों व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास के गांव के लोगों को सेहलंग बस स्टैंड पर जमा गंदे पानी के कारण अनेक बार दुर्घटना का शिकार भी होना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अनेक बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
आधार कार्ड सेंटर यहां होने की वजह से अनेक गावों के लोगों को इस गली से गुजरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार उनके वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं और दुपहिया वाहन तो अनेक बार कीचड़ में गिर भी जाते हैं।
-सुनील कुमार, ग्रामीण
सरकारी विद्यालय के लिए जाने वाला एकमात्र रास्ता होने की वजह से स्कूली छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत को जल्द इसका समाधान करना चाहिए।
-प्रवीण कुमार, ग्रामीण
सात साल पहले इस गली का एक छोटा सा हिस्सा अधूरा छोड़े जाने की वजह से यहां पानी भरा रहता है और यहां से गुजरने वाले सब्जी बेचने वाले, कबाड़ी वाले व अन्य साधनों को हादसों का शिकार होना पड़ता है। जल्द से जल्द इसको पक्का करवाया जाए ताकि राहगीरों को मुसीबतों का सामना न करना पड़े।
-सत्यपाल, ग्रामीण
राजकीय माध्यमिक विद्यालय सेहलंग के सामने वाली गली का हाल बदहाल है। करीब 150 से 200 मीटर लंबी सड़क का इतना बुरा हाल है कि स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को कीचड़ से चलकर जाना पड़ता है। गांव के बीच जाने वाले एकमात्र रास्ता होने की वजह से सैकड़ों छोटे बड़े वाहन और निजी स्कूल बस प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं, जिनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-रमेश क्रान्ति, ग्रामीण
पंचायत का गठन होने से पहले ही एक ठेकेदार को कार्य दिया गया था, लेकिन ठेकेदार ने आज तक कार्य पूरा नहीं किया है। गांव में दो एकड़ जमीन में दूषित पानी को ले जाने के लिए एक प्रस्ताव अधिकारियों को दिया हुआ है। बजट आते ही इस पर कार्यवाही की जाएगी। प्राथमिक तौर पर साफ-सफाई करवाकर दूषित पानी के निकासी का कार्य किया जाएगा।
-विनित कुमार विनता, सरंपच ग्राम सेहलंग