नारनौल में महावीर चौक पर कृषि कानूनों के खिलाफ ताली व थाली बजाकर विरोध प्रदर्श न करते हुए।
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नारनौल। तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल क्लब एवं सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक संगठन प्रतिनिधियों द्वारा सुबह करीब 10:30 बजे चितवन वाटिका में एक सभा का आयोजन किया। सभा उपरांत चितवन वाटिका से महावीर चौक तक ताली एवं थाली बजाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में महावीर चौक पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा में प्रमुख वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीनों नए कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि पीएम मन की बात नहीं, जन की बात सुनें। देश का जनमत किसान हैं और वह यही चाहते हैं कि मोदी मन नहीं, जन की बात सुनते हुए इन तीनों नए कानूनों को रद्द कर दें। क्योंकि नए कानून किसानों व आमजन की बजाए पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाले हैं और यह उन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं हैं। जब तक सरकार इन तीनों नए कानूनों को रद्द नहीं कर देती, तब तक वह आंदोलनकारी किसानों के साथ कदम से कदम मिलाते रहेंगे। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा नित गठबंधन वाली राजग सरकार तानाशाह बनी हुई है और देश पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां थोप रही है।
जिला प्रधान देवेंद्र हुडीना ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं तथा इससे आमजन को भी कोई फायदा नहीं होने वाला है। इस सरकार में महंगाई एवं बेरोजगारी बढ़ी है तथा युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इसलिए इस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का सही मौका है और आमजन भी किसानों के आंदोलन में खुलकर साथ दें।
पूर्व सैनिक तेज बहादुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां छलावा करने वाली सिद्ध हुई हैं। यह जुमलेबाजों की पार्टी है और यह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। इन्हें आमजन की भलाई से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए लोग समय रहते चेत जाएं और सरकार की गलत नीतियों का डटकर विरोध करें। आंदोलनकारियों में सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान महेश भारतीय, धर्मपाल शर्मा, दिनेश यादव, मंजीत यादव एडवोकेट, गिरिश खेड़ा, गणेश राव एडवोकेट, राजेंद्र शर्मा, रामनिवास पंच, मनोज शर्मा पंच, ओमप्रकाश मास्टर, आशु यादव व प्रीतम आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।