महेंद्रगढ़। कार्यकारी अभियंता की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सात गांवों के ग्रामीण सांसद धर्मबीर सिंह से मिले। सांसद नारनौल पंचायत भवन में जिला विकास एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक ले रहे थे।
इस बीच महेंद्रगढ़ डिवीजन के कार्यकारी अभियंता भी मीटिंग में पहुंच चुके थे। सांसद ने जिला उपायुक्त को मौके पर ही कहा कि पानी ना पहुंच पाने की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए है। सांसद ने ये भी कहा कि नहरी पानी और हर घर नल के विषय पर राज्य और केंद्र की सरकार दोनों ही संजीदा है।
जिला उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि नहर की सफाई हो या छटाई जो भी आवश्यक कदम हैं वे तुरंत प्रभाव से उठाकर इन गांवों की नहरों में पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
बता दें गांव पल्ह, बैरावास, गडानिया, पाल, खेड़की, निहालावास और दूलोठ गांव के सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव में नहरी पानी न पहुंचने के मुद्दे को लेकर महेंद्रगढ़ डिवीजन के कार्यकारी अभियंता से मिलने महेंद्रगढ़ पहुंचे। कार्यकारी अभियंता उस समय साइट पर गए हुए थे और अपने कार्यालय में नहीं थे। उनको इस बाबत सूचना दी गई तो वे लगभग आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे जब अपनी समस्या बताई तो कार्यकारी अभियंता ने कहा कि नहर की सफाई न हो पाने की वजह से पानी नहीं पहुंच रहा। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि जब हर बार पानी एक या दो घंटे के लिए टेल तक पहुंच जाता है और अधिकारी व कर्मचारी फोटो खींचकर टेल कंप्लीट करने का दावा कर देते हैं तो फिर सुचारु रूप से पानी पहुंचाने में क्या समस्या है? कार्यकारी अभियंता से जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सभी ग्रामीणों ने उपायुक्त और सांसद से मिलने का निर्णय लिया। ग्रामीण जब नारनौल पहुंचे तो उस समय मीटिंग शुरू हो चुकी थी। जब सांसद धर्मबीर सिंह को इस बारे सूचना दी गई तो उन्होंने मीटिंग रोक कर पहले सात गांव से आए ग्रामीणों की बात सुनने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यकारी अभियंता की तरफ से संतोषजनक जवाब ना मिलने पर वे यहां आए हैं और अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। सांसद ने उपायुक्त को समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।