गांव में शराब ठेके न खुलवाने के लिए पंचायतें आबकारी एवं कराधान विभाग में अपना प्रस्ताव दे सकती हैं। 15 मार्च तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस बार शराब ठेके एक अप्रैल की बजाय एक मई से शुरू किए जाएंगे। शराब बंदी के लिए अब तक जिले में केवल दो पंचायतों के प्रस्ताव ही आए हैं। पिछले वर्ष 71 गांवों की पंचायतों ने शराब ठेके बंद कराने के लिए आवेदन दिए थे।
पिछले वर्ष मार्च महीने के तीसरे सप्ताह में लॉकडाउन के बाद शराब ठेकों को जारी किए जाने की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू नहीं हो सकी थी। एक मई से शराब के ठेके शुरू किए गए थे। इस बार भी शराब ठेके एक मई से शुरू होंगे। अपने गांव में शराब ठेका न खुलवाने के लिए पंचायत को एक प्रस्ताव पारित कर 31 अक्तूबर तक इसे आबकारी विभाग के पास जमा कराना होता है। आबकारी नीति 2019 के अनुसार अगर किसी गांव की कुल दस प्रतिशत मतदाता अपने हस्ताक्षर कर शराब ठेका न खुलवाने का आवेदन देंगे तो उसे स्वीकार किया जाएगा और उस गांव में ठेका नहीं खोला जाएगा। जिले में साल 2020-21 में गांव में शराब की दुकान नहीं खुलवाने के लिए 71 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव आबकारी एवं कराधान विभाग को दिए थे। आबकारी एवं कराधान विभाग ने 37 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव खारिज कर दिए थे। 34 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव स्वीकृत करते हुए शराब की दुकानें नहीं खोली थी। इस बार केवल दो पंचायतों के आवेदन ही आए हैं। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शराब बंदी के लिए 15 मार्च तक आवेदन देने की छूट दी है।
वर्ष मुख्य ठेके आउटलेट कुल ठेके
2018-19 66 160 226
2019-20 54 193 247
2020-21 58 195 253
98 हजार बोतल अवैध शराब पकड़ी जा चुकी
पिछले 15 महीने में करीब 98 हजार बोतल अवैध शराब बरामद हो चुकी है। जिसमें लॉकडाउन के दौरान सबसे अवैध शराब के केस दर्ज किए गए। लॉकडाउन में करीब 45 दिन के लिए शराब ठेके बंद किए गए थे। साल 2020-21 के लिए जिले की 71 ग्राम पंचायतों ने गांव में शराब की दुकान नहीं खोलने के लिए प्रस्ताव दिए थे। 2021-22 के केवल 2 ग्राम पंचायतों ने ही ऐसे प्रस्ताव दिए हैं।
वर्जन
शराब ठेका नहीं खोलने के बारे में पंचायत को प्रस्ताव पारित कर विभाग को देना होता है। वर्ष 2021-22 के लिए जिले से केवल भलवाड़ा व भाखरी पंचायत ने प्रस्ताव दिए हैं। जिन्हें आबकारी एवं कराधान विभाग पंचकूला भेजा जा चुका है। अगर कोई पंचायत प्रस्ताव देना चाहे तो 15 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे।
-जतिन प्रकाश, इंस्पेक्टर, आबकारी एवं कराधान विभाग, महेंद्रगढ़