कनीना। जलूराह शौर्य समिति की ओर से 13 कुमाऊं रेजांगला बटालियन के शहीद सूबेदार सज्जन सिंह अशोक चक्र की 32वीं पुण्यतिथि पर जलूराह शौर्य दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शहीद सूबेदार सज्जन सिंह के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर ऑपरेशन रक्षक 1992-1995 के दौरान शहीद हुए वीर जवानों को भी नमन किया गया व वीर नारियों और शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया। सूबेदार सज्जन सिंह ने 26 सितंबर 1994 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के जलूराह गांव में आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए पांच आतंकवादियों को मार गिराया था।
इस दौरान वह स्वयं भी वीरगति को प्राप्त हुए। उनके असाधारण शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें शांति काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया था। उनकी धर्मपत्नी वीर नारी कौशल्या देवी ने गणतंत्र दिवस पर तत्कालीन राष्ट्रपति से यह सम्मान प्राप्त किया था।
समारोह में मुख्य अतिथि मेजर जनरल एसके भांभू, युद्ध सेवा मेडल एवं सेवा मेडल, पूर्व कमांडिंग ऑफिसर रेजांगला बटालियन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीर नारी कौशल्या देवी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रिगेडियर करतार सिंह और कर्नल निखिल श्रीवास्तव मौजूद रहे।
इस अवसर पर कर्नल डॉ. टीसी राव ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि अशोक चक्र और परमवीर चक्र से सम्मानित शहीदों के परिजनों को भारत रत्न सम्मान प्राप्त परिवारों के समान सुविधाएं दी जानी चाहिए, ताकि उनके बलिदान और योगदान का उचित सम्मान हो सके।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. रिंपी लोढ़ा, कर्नल ओपी यादव, चंदूलाल यादव, मेजर डॉ. टीसी राव, कर्नल घीसाराम, राव अजीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।