हरियाणा सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र बनाया जा रहा है। इसमें प्रत्येक नागरिक का परिवार समेत पंजीकरण कराना होगा, अन्यथा विभिन्न सुविधा एवं योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। यह पहचान पत्र बनाने के लिए प्रशासन ने गांव वाइज ऑपरेटर भी नियुक्त कर दिए हैं। जिन्हें बीडीपीओ द्वारा निर्धारित स्थान पर बैठकर निशुल्क सेवा देनी है। ऑपरेटरों को मेहनताने का भुगतान एडीसी कार्यालय करेगा।
बता दें कि आधार कार्ड की तर्ज पर परिवार पहचान पत्र को जरूरी दस्तावेज घोषित किया गया है। अब आने वाले समय में सरकारी सुविधाएं परिवार पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर मिलेंगी। गांवों में कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध नहीं, जिस कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने गांव वाइज पीपीपी कैंप लगाने की योजना बनाई है। योजना के अनुसार एडीसी कार्यालय ने गांवों में ऑपरेटर नियुक्त कर किये हैं। इन ऑपरेटरों से काम कराने की जिम्मेदारी पंचायत विभाग को सौंपी गई है। बीडीपीओ को सार्वजनिक स्थान का चयन करके ऑपरेटरों को बैठाना होगा। निगरानी के लिए प्रत्येक गांव में कमेटी गठित करने का प्रावधान है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 40 फीसदी ऑपरेटरों को गांव अलॉट हो गए। जिन्हें निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। प्रशयसनिक सूत्रों की मानें तो अभी पीपीपी कार्ड वाइज मेहनताना निर्धारित नहीं हुआ है। जितना चार्ज तय हो जाएगा, विभाग उसी हिसाब से ऑपरेटरों को भुगतान करेगा। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान जन्म तिथि, रिहायसी पता, जाति, फैमली मेंबर और रिलेशन ब्योरा विस्तार पूर्वक अपलोड किया जाएगा।
आवेदकों से चार्ज नहीं वसूल सकते ऑपरेटर, कार्रवाई करेंगे
योजना के प्रोग्राम अधिकारी जगदीप ने बताया कि गांवों में ऑपरेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू है। प्रशासनिक निर्देशानुसार कोई भी ऑपरेटर आवेदकों ने चार्ज नहीं वसूल सकता। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फैमली आइडी कार्ड बनाने की जगह बीडीपीओ को निर्धारित करेंगे। आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे ताकि गलती होने की संभावना नहीं रहे।