नारनौल। जिले में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर दिया गया है। इसके बाद भी शहर के बीचोंबीच खुल्ले में कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता का स्तर खराब हो सकता है। वैसे भी सर्दी के मौसम में नारनौल का एक्यूआई स्तर 300 के पार पहुंच जाता है। समय रहते खुल्ले में कूड़े के आग लगाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो हालात खराब हो सकते हैं।
नारनौल शहर में उद्योग न के बराबर है, लेकिन इसके बावजूद लगातार वायु प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को नारनौल में एक्यूआई का स्तर 109 पहुंच गया है। एक अक्तूबर को 200 के पार एक्यूआई स्तर पहुंच गया था। वहीं दिसबंर और जनवरी माह में तो 350 एक्यूआई स्तर तक पहुंच जाता है, जो चिंताजनक है। अब ग्रैप लागू किया गया है ताकि वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। इसके अलावा शहर में अनेक ऐसे वाहन दोड़ रहे है, जो प्रदूषण को बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
सुबह व सायं शहर में जलते रहते है कूड़े के ढेर
एक तरफ सरकार ज्यादा किलोवॉट के जनरेटर सेट को बंद करने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में जगह-जगह दिनभर कूड़े के ढेर में आग लगी रहती है। इसकी वजह से वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। गली मोहल्लों में कूड़ा जलाने वालों पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जाए तो ऐसे मामलों में कमी आ सकती है। इसके अलावा कबाड़ का काम करने वाले भी बिजली के तार सहित अन्य प्लास्टिक का सामान जलाते रहते हैं, जो प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं।
हवा में कितना होना चाहिए एक्यूआई स्तर
शून्य से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई स्तर गंभीर माना जाता है।
जनवरी से अक्तूबर तक इस प्रकार आया एक्यूआई में उतार चढ़ाव
माह अधिकतम न्यूनतम
जनवरी 340 61
फरवरी 270 68
मार्च 173 60
अप्रैल 260 69
मई 250 70
जून 338 24
जुलाई 335 23
अगस्त 153 39
सितंबर 190 42
अक्तूबर 204 49
इस सप्ताह में रहा एक्यूआई का स्तर
21 अक्तूबर 107
22 अक्तूबर 121
23 अक्तूबर 93
24 अक्तूबर 126
25 अक्तूबर 126
26 अक्तूबर 121
27 अक्तूबर 123
शुक्रवार को जिले में 123 एक्यूआई तक प्रदूषण का स्तर पहुंच गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने से एक्यूआई में सुधार होने की संभावना है। वहीं शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है, जिससे भी वायु गुणवत्ता में गिरावट आ रही है।
-डॉ. चंद्र मोहन, नोडल अधिकारी, पर्यावरण क्लब, नारनौल।