फोटो नंबर 01 - नारनौल अनाज मंडी में लगी बाजरे की ढेरी।
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नारनौल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर शनिवार से जिले की चार मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू हो गई। पहले दिन सिर्फ एक किसान गांव गोद निवासी लाख सिंह ने 20 क्विंटल बाजरा बेचा।
उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने बताया कि जिले की सभी 4 मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद की जाएगी। नई अनाज मंडी नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़ (जगह कम होने पर सेक्टर में), कनीना मंडी में खरीफ फसल की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। किसानों की फसल का भुगतान 48 घंटे के अंदर होगा। किसानों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। पहले 72 घंटे में भुगतान करने की व्यवस्था थी। बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की ही फसल खरीदी जाएगी। बाजरे को 50 किलो की मानक पैकिंग में पैक किया जाना चाहिए। खरीद आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) के माध्यम से की जाएगी और वे 2.5 प्रतिशत यथामूल्य के कमीशन के हकदार होंगे। मंडी में किसानों के बाजरे के नमूने लिए जाएं। बाजरा खरीद की रिपोर्ट वाट्सएप ग्रुप के साथ ही ईमेल के माध्यम से शाम 7:00 बजे तक भेजी जाए। केंद्र सरकार ने प्रदेश में 1.60 लाख एमटी बाजरा खरीदने का आदेश दिया है। महेंद्रगढ़ में 11 जगह नाके लगाए हैं। खरीद शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक कर प्रदेश के सभी जिलों में खरीद के इंतजाम की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैें।
मंडियों में होगी बिजली, पानी की व्यवस्था
सीएम की समीक्षा बैठक के बाद उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडियों में बिजली, पानी समेत अन्य व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा मंडियों के गेट पर निर्धारित मापदंड के होर्डिंग लगे होने चाहिए। बाजरे का एमएसपी इस बार 2350 रुपये है। बाजरे में नमी की मात्रा 14 फीसदी से कम होनी चाहिए। उन्होंने किसानों से साफ और सूख फल लाने की अपील की। कहा कि मंडियों में पर्याप्त बारदाने होने चाहिए। आढ़तियों के पास तिरपाल आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। बैठक में नगराधीश डॉ मंगल सेन, डीएफएससी कुशाल पाल, एएफएसओ अरुण सैनी रहे।