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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रही सिर्फ ओपीडी, न भर्ती किए जा रहे मरीज, न हो रहा प्रसव

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पीएचसी में मरीजों के अभाव में खाली बैड। - फोटो : Narnol
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नारनौल। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत लगे स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर सिर्फ वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) चल रही है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। न ही प्रसव कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर मरीज परेशान हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए अमर उजाला टीम बुधवार को गांव छिलरो तथा बिगोपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। दोनों ही केंद्रों पर मात्र दो-दो कर्मचारी थे जिनमें एक चिकित्सक शामिल हैं। छिलरो पीएचसी के एमओ डॉ. अमित ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से सिर्फ ओपीडी का कार्य चल रहा है।
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जिले में तीन दिनों से एनआरएचएम कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एनआरएचएम के पांच सौ स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर बैठे हैं। नियमित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी होने और एनआरएचएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जिन केंद्रों पर नियमित स्टाफ हैं, उनकी ड्यूटी नारनौल नागरिक अस्पताल में लगाई गई है ताकि अस्पताल यहां की सेवाएं बाधित न हो। अमर उजाला की टीम बुधवार को साढ़े 11 बजे गांव छिलरो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो वहां केवल ओपीडी हो रही थी। न तो मरीजों को भर्ती किया जा रहा था और न ही प्रसव कराया जा रहा था। केंद्र महिला वार्ड तथा पुरुष वार्ड दोनों ही खाली थे। केवल एक चिकित्सक तथा एक महिला कर्मचारी ड्यूटी कर रही थी। इसके अलावा जन्म प्रमाण मृत्यु प्रमाणपत्र सहित सभी सेवाएं बाधित रहीं।
लगभग पौने बजे एक बजे बिगोपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया गया तो वहां एक चिकित्सक तथा एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगी थी। चिकित्सक फील्ड में बताए गए। एनएचएम के चार कर्मचारी हड़ताल पर गए हुए थे। वहां पर भी केवल ओपीडी सेवाएं चल रही थीं। गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा। तीन चार दिनों से गर्मी तेज होने की वजह से उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन कर्मचारियों के अभाव में उनको नारनौल के लिए रेफर किया जा रहा है।
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हमारे पास जितने कर्मचारी हैं, उनसे ही काम चला रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते सिर्फ ओपीडी की जा रही है। मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा और न ही प्रसव कराया जा रहा है।- डॉ. अमित कुमार, इंचार्ज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारनौल।
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