फोटो नंबर- 13वर्ष 2022 में गांव मंढ़ाणा स्थित आरोही मॉडल स्कूल में बनाया गया छात्रावास।
नारनौल। शिक्षा के हब के रूप में पहचान बना रहे नारनौल में 20 साल पहले तक शहर में केवल बीकेएन बहुतकनीकी संस्थान और पीजी कॉलेज में ही हॉस्टल थे। इन दो दशकों में केवल चार नए संस्थानों को छात्रावास मिले हैं। उघर, आयुर्वेदिक कॉलेज चार साल से हॉस्टल का इंतजार कर रहा है।
वर्ष 2010 में महिला कॉलेज में 30 कमरों का हॉस्टल शुरू हुआ जिसमें 60 छात्राओं की क्षमता है और अभी 18 छात्राएं रह रही हैं। इसी प्रकार वर्ष 2021 में नियामतपुर के कस्तूरबा गांधी कन्या स्कूल में 90 छात्राओं की क्षमता वाला हॉस्टल शुरू हुआ। यहां कक्षा 6 से 8 तक की 90 छात्राएं रह रही हैं जबकि कक्षा 9 से 12 की 120 छात्राओं के लिए नया हॉस्टल बनाया जा रहा है।
वहीं, दिसंबर 2022 में मंढ़ाणा के आरोही मॉडल स्कूल में 40 कमरों का हॉस्टल बना जिसमें 80 छात्राओं की क्षमता है और 37 छात्राएं ही रह रही हैं। सबसे बड़ा हॉस्टल 2025 में कोरियावास मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ जिसमें 400 छात्र व 400 छात्राओं सहित 800 की क्षमता है और अभी प्रथम बैच के करीब 100 विद्यार्थी रह रहे हैं।
आयुर्वेदिक कॉलेज का लंबा इंतजार
पटीकरा गांव स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। करीब 250 छात्र-छात्राएं गत चार वर्षों से हॉस्टल का इंतजार कर रहे हैं। छात्रावास सुविधा न होने के कारण वे गांव में बने निजी आवासों में रहने को मजबूर हैं। छात्रावास निर्माण के लिए छात्र-छात्राओं ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
छात्रावास से सुधरा परीक्षा परिणाम
मंढ़ाणा के आरोही मॉडल स्कूल में वर्ष 2022 में छात्राओं को छात्रावास सुविधा मिली। नांगल चौधरी खंड के दूर-दराज गांवों से आने वाली छात्राओं को स्कूल में रहकर पढ़ने का अवसर मिला। इसके बाद छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के प्रदर्शन में सुधार आया। वर्ष 2023 में सुषमा ने जिला स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया। वर्ष 2025 में भूमिका और दिव्या ने भी हरियाणा बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया।
वर्जन :
आयुर्वेदिक कॉलेज में हॉस्टल के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत 300 छात्राओं व 200 छात्रों सहित कुल 500 विद्यार्थियों के रहने की सुविधा के अनुसार हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा
।-श्रीनिवास गुज्जरवार, बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज, नारनौल