नारनौल। सरसों की सरकारी खरीद नहीं होने पर भी निजी मंडी के लिए किसानों को गेटपास सरकारी खरीद के तहत जारी किए जाएंगे। यह नियम खरीद के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बनाया गया है। इसके तहत अब व्यापारियों को फसल बेचने पर किसानों को बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत गेटपास जारी किए जाएंगे। फिलहाल सरकारी खरीद के लिए अब तक सिर्फ 4 गेटपास काटे गए हैं।
कभी सर्वर डाउन रहने और कभी अंगूठे का सही निशान नहीं आने से बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत गेटपास जारी करने में 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है। आगामी दिनों में सरसों की आवक में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। ऐसी स्थिति में किसानों को प्राइवेट मंडी में सरसों बेचने के लिए भी लाइन में लगना पड़ सकता है।
दो दिनों में अब तक नारनौल मंडी में कुल 78 गेटपास काटे गए हैं। केवल 4 गेटपास सरकारी खरीद के लिए काटे गए हैं। शेष सभी गेटपास प्राइवेट खरीद के लिए काटे गए हैं।
बाजार भाव अधिक होने के कारण सरकारी खरीद में बेचने वाले किसानों ने भी सरसों व्यापारियों को बेच दी। अभी सरसों का बाजार भाव 6400 से 7000 रुपये बना हुआ है जो एमएसपी से 200 से 800 रुपये अधिक है।
मंडी में तिरपाल साथ लेकर आ रहे किसान
क्षेत्र में बारिश की आशंका के चलते सरसों बेचने के लिए मंडी आने वाले किसान अपने साथ तिरपाल लेकर भी आ रहे हैं। वहीं बाजार भाव अधिक होने के कारण किसान खेत से ही सरसों बेच रहे हैं। जिसके चलते अनुमान की तुलना में अब तक बहुत कम सरसों की आवक हुई है। नारनौल मंडी में अब तक करीब 8500 क्विंटल सरसों की आवक हुई है।
एमएसपी 6200 रुपये है और मैंने सरसों 6325 रुपये के भाव पर बेची है। सरकारी खरीद के तहत गेटपास जारी करने के नियम से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। नाथूराम, किसान, गांव- नारहेड़ी
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अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण सरसों तेल के भाव में उछाल बना हुआ है। इसके चलते 42 प्रतिशत लैब वाली सरसों का भाव 7 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं आगामी दिनों में सरसों के भाव में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। -रामस्वरूप, व्यापारी, नई अनाज मंडी, नारनौल।
वर्जन :
नए दिशा-निर्देशानुसार प्राइवेट खरीद के लिए भी अब सरकारी खरीद के तहत गेटपास जारी किए जाएंगे। किसानों से अपील है कि नियम अनुसार दस्तावेज लेकर मंडी आए ताकि गेटपास जारी करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। -नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।