नारनौल। नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू होने में केवल एक हफ्ते का समय शेष है लेकिन मंडी में पेयजल व सफाई व्यवस्था को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। इस कारण फसल बेचने आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सरकार बाजरे की खरीद एक अक्तूबर से शुरू करेगी।
नई अनाज मंडी में 4 वाटर कूलर लगे हैं। इसमें से केवल मुख्य द्वार के पास और सब्जी मंडी व अनाज मंडी के बीच में लगा वाटर कूलर ही चालू है लेकिन टीन शेड के समीप लगे दो वाटर कूलर को शुरू नहीं किया गया है और ना ही टंकी को साफ किया गया है। वहीं सरसों खरीद के बाद से अनाज मंडी में बने शौचालय भी बंद हैं। साफ सफाई नहीं की गई है। वाटर कूलर व शौचालय के ईर्द-गिर्द और मंडी परिसर में बारिश के कारण घास भी उगी हुई है, जिनकी सफाई का कार्य अभी तक नहीं करवाया गया है।
किसानों को निर्धारित मूल्य के तहत भुगतान किया जाता है। इस बार बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं भावांतर के तहत बाजरा सरकार द्वारा निर्धारित बाजार भाव के तहत खरीदा जाता है। बाजार भाव व न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच जो अंतर होता है उसका भुगतान सरकार द्वारा किसान को अलग से किया जाता है लेकिन दोनों ही प्रकार की खरीद में वही किसान अपनी फसल बेच सकते हैं, जिन्होंने एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है।
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शेड की भी सफाई नहीं की गई
नई अनाज मंडी परिसर में दो टीन शेड बने हैं। प्रत्येक शेड में बाजरे के 50 हजार बैग को स्टॉक किया जा सकता है लेकिन शेड की भी सफाई नहीं की गई है और टीन शेड के मध्य में कुछ व्यापारियों ने अपनी सरसों व बाजरा के बैग रखे हुए हैं। हालांकि व्यापारियों को खरीद शुरू होने से पहले सामान हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो सके।
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खरीद किस आधार पर, स्पष्ट नहीं
बारिश के कारण बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और बाजार भाव में भी उतार-चढ़ाव बना है। इसलिए बाजार भाव को स्थिरता देने के उद्देश्य से सरकार भावांतर के तहत खरीद करने के लिए विभिन्न मंडियों से बाजरे के बाजार भाव का विश्लेषण कर रही है। हालांकि बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य और भावांतर में से किस आधार पर की जाएगी, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
टीन शेड में सरसों और बाजरा रखा है। खरीद शुरू होने से पहले हटाने के निर्देश हैं। एक-दो दिन में शेड से सामान हटा लिया जाएगा। मार्केट कमेटी से अपील है कि नई अनाज मंडी के मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करें। चौकीदार की व्यवस्था भी की जाए ताकि किसानों व व्यापारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।-देवकीनंदन, व्यापारी
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कई बार किसानों को खरीद के दौरान रात में मंडी में रुकना पड़ता है लेकिन मच्छरों के कारण डेंगू और मलेरिया के संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन से अपील है कि खरीद शुरू होने से पहले मंडी में फॉगिंग कराई जाए।-रामअवतार, किसान, गांव सेका
वर्जन :
नई अनाज मंडी में पेयजल के लिए पर्याप्त वाटर कूलर लगे हैं। खरीद शुरू होने से पहले बंद वाटर कूलर और टंकी साफ करवा कर शुरू किया जाएगा। सफाई कराई जा रहा है ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। खरीद एमएसपी और भावांतर से किसके तहत की जाएगी इसको लेकर अभी कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी