नारनौल। मंगलवार को दो डेंगू मरीज मिलने से अब 13 के पास आंकड़ा पहुंच गया है। वहीं इस सीजन का पहला मलेरिया का मरीज भी मिला है, जिसका भी उपचार चल रहा है। हालांकि अभी नगर परिषद फॉगिंग को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि शहर की करीब सवा लाख आबादी है। इसके बाद भी नगर परिषद के पास एक फॉगिंग मशीन से काम चला रहा है। एक फोगिंग मशीन होने से समय पर शहर के मोहल्लों में फॉगिंग नहीं करवाई जा रही है।
जिले में धीरे-धीरे डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है, लेकिन नगर परिषद गंभीर नहीं है। अब बिना फॉगिंग के डेंगू के डंक पर कैसे अंकुश लगाया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में आठ बेड का डेंगू वार्ड भी बना दिया है। शहर में अनेक जगहों पर जलभराव होने से मक्खी-मच्छरों का जमावड़ा बना हुआ है। बता दे कि 24 अगस्त को पहला डेंगू मरीज मिला था, वहीं चार सितंबर को पहला मलेरिया मरीज सामने आया था।
नगर परिषद के मुख्य द्वार पर खड़ा कई माह से गंदा पानी
शहर की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही नगर परिषद के मुख्य द्वार पर कई माह से गंदा पानी भरा हुआ है। अब नगर परिषद के मुख्य द्वार पर ही मच्छरों का लार्वा पनप रहा है तो शहर के कैसे हालात हो सकते हैं। सितंबर से नवंबर माह तक डेंगू के मरीज ज्यादा आते हैं, लेकिन इसके बाद भी नगर परिषद गंभीर नहीं है।
डेंगू का मरीज मिलते ही नप को पत्र लिख स्वास्थ्य विभाग करवा रहा फॉगिंग
स्वास्थ्य विभाग जिले में कहीं पर भी डेंगू व मलेरिया का मरीज मिलता है, वहां फॉगिंग करवाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखकर फोगिंग करवा रहा है ताकि समय रहते डेंगू व मलेरिया पर अंकुश लगाया जा सके। जिले में अब तक नारनौल के मोहल्ला दयानगर, मोहल्ला बड़ा बाग, डोहर खुर्द, सलीमपुर, खटोटी खुर्द, सीहमा और धोलेड़ा में डेंगू संक्रमित मरीज मिलने के बाद फॉगिंग करवाई जा चुकी है, वहीं नियामतपुर, कारोता में फॉगिंग अभी तक नहीं की गई है।
मंगलवार को दो डेंगू मरीज मिलने से अब जिले में 13 डेंगू मरीजों की संख्या हो गई है। जिस मोहल्ले में डेंगू संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग करवाई जा रही है।
-डॉ. पंकज यादव, जिला मलेरिया अधिकारी, नारनौल।
शहर में पहले जहां गंदे पानी का जलभराव हो रहा है, वहां फोगिंग करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी डेंगू संभावित मोहल्ले के बारे में अवगत करवाता है, जिसके बाद वहां भी फोगिंग करवाई जाती है।
अनिल कुमार, सचिव नगर परिषद नारनौल।