कनीना। महर्षि दयानंद सरस्वती के ऋषि निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आर्य समाज मंदिर दौंगड़ा अहीर में हवन किया गया। हवन के ब्रह्मा आचार्य यश देव वैदिक (जल जीव सेवा, मनेठीकुंड) रहे।
उन्होंने वेद मंत्रोच्चारण से वैदिक हवन संपन्न कराया। अमर सिंह, वासुदेव, डॉ. सोमेश, अक्षय कुमार ने आहुति प्रदान कर सत्य, धर्म एवं सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आचार्य यश देव वैदिक ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने भारत की चेतना को पुनः जागृत किया।
समाज को अंधविश्वास, मूर्तिपूजा, बाल विवाह, पर्दा प्रथा, छुआछूत और अशिक्षा जैसी कुरीतियों से मुक्त करने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि महर्षि का जीवन सत्य, वेद और विज्ञान पर आधारित था। उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश जैसे ग्रंथों के माध्यम से समाज को तर्क, न्याय और समानता की राह दिखाई तथा आर्य समाज की स्थापना कर शिक्षा, महिला उत्थान और राष्ट्रभक्ति का अलख जगाया।
आर्य समाज प्रधान रघुवीर सिंह ने कहा कि आज के समय में भी दयानंद सरस्वती के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। जब समाज भौतिकता और दिखावे में उलझ रहा है, तब वेद आधारित जीवन ही सच्चा मार्गदर्शन दे सकता है। इस अवसर पर ओम प्रकाश, ब्रह्मदेव आर्य, विजय सिंह, बाबूलाल आर्य, निहाल सिंह प्रवक्ता, कप्तान सुरेंद्र सिंह, कप्तान सत्यनारायण, रामकुमार आदि मौजूद रहे।