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अफसर नदारद, इंतजार करती रही विजिलेंस टीम

Sat, 19 Jul 2014 12:56 AM IST
नारनौल
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राजीव चौक से रेलवे मार्ग तक सड़क और डिवाइडर निर्माण में घपले की शिकायत पर जांच करने पहुंची स्टेट विजिलेंस टीम कई घंटों तक शुक्रवार को अफसरों का इंतजार करती रही और जांच में सहयोग के लिए बुलाए गए नगर परिषद के अफसर कार्यालय ही नहीं पहुंचे।। विजिलेंस टीम ने सुबह नौ बजे से दो बजे तक अफसरों का इंतजार किया।
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गौरतलब है कि शहर में हुए विभिन्न विकास कार्यों में घपलेबाजी की शिकायत पर स्टेट विजिलेंस टीम बृहस्पतिवार को नगर परिषद में जांच के लिए पहुंची थी। टीम में एसडीईओ अरविंद्र कुमार, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह और एएसआई बाबूलाल शामिल थे। टीम ने बृहस्पतिवार को कार्यालय में जांच पड़ताल की थी। शुक्रवार को भी टीम सुबह नौ बजे ही पड़ताल के लिए नारनौल पहुंची थी। टीम ने नगर निगम के एमई और जेई को जांच में सहयोग के लिए बुलाया था, क्योंकि दोनों ही अधिकारियों के पास ही वह रिकॉर्ड है जिसकी जांच की जानी थी। इसके बावजूद दोपहर दो बजे तक टीम नगर परिषद कार्यालय में डेरा डाले रही लेकिन दोनों अफसरों का कुछ पता नहीं था। दोनों अफसरों के मोबाइल भी बंद थे।

क्या है मामला
जांच में विजिलेंस टीम ने आरटीआई कार्यकर्ता अरुण जैन को बुलाया था। जैन ने बताया कि बीआरजीएफ स्कीम के तहत नगर परिषद की ओर से नए रेलवे स्टेशन से अग्रसेन चौक की सड़क को दोनों ओर 5-5 फीट बढ़ाकर सड़क की चौड़ाई 28 फीट करने के साथ डिवाइडर का निर्माण करवाना था। आरटीआई में एडीसी दफ्तर से मिले आंकड़ों के तहत यह निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इस पर 23.04 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि मौके पर कोई भी सड़क चौड़ी नहीं हुई है और न ही डिवाइडर बने हैं। नगर परिषद ने अपने रिकॉर्ड में दर्शाया कि पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से अग्रसेन चौक तक 14.06 लाख लाइट पर खर्च किए हैं। मौके पर कोई लाइट नहीं लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, स्टेट विजिलेंस समेत नगर निकाय को शिकायत की गई थी। इसके बाद स्टेट ब्यूरो विजिलेंस टीम मामले की जांच कर रही है।
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कोट्स
अग्रसेन चौक से रेलवे मार्ग तक सड़क निर्माण में घपले संबंधी संबंधित शिकायत मिली है उसकी जांच के लिए आए हैं। जांच में सहयोग के लिए शुक्रवार को नगर परिषद के एमई और जेई को बुलाया गया था। सुबह नौ बजे से यहां हैं और दोपहर के दो बजे तक अफसरों का कोई पता नहीं है। जांच का मुख्य रिकॉर्ड इन्हीं (एमई व जेई) के पास है। - अरविंद्र कुमार, एसडीईओ
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