फोटो नंबर-19सैन चौक पर आवारा कुत्तों को पकड़ते एजेंसी के कर्मचारी। संवाद
नारनौल। शहर के रघुनाथपुरा खालड़ा में डॉग शेल्टर होम शुरू होने के बाद आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान भी शुरू हो गया है। पहले चरण में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां आवारा कुत्तों की संख्या अधिक है और लोगों के काटने की शिकायतें ज्यादा सामने आ रही हैं।
नगर परिषद कुत्तों के बधियाकरण व टीकाकरण का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है जिसके जरिए नागरिक कुत्तों की बधियाकरण और टीकाकरण से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कुत्तों को पकड़ने, शेल्टर होम तक लाने और उपचार के बाद पुनः निर्धारित स्थान पर छोड़ने के लिए विशेष डॉग वैन की व्यवस्था की गई है।
लंबे समय बाद शुरू हुए इस अभियान से शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में शहर के अंदर करीब 4 से 5 हजार आवारा कुत्ते सड़कों, गलियों और मोहल्लों में घूम रहे हैं जिससे आमजन की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
नागरिक अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 20 से 25 लोग कुत्तों के काटने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। नगर परिषद के इस अभियान से न केवल कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी बल्कि नियमित टीकाकरण से रैबिज जैसी गंभीर बीमारी के फैलने की संभावना भी कम होगी।
वर्जन:
रघुनाथपुरा खालड़ा में डॉग शेल्टर होम का शुभारंभ होने के बाद अब शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है। पहले जहां कुत्तों की संख्या अधिक है वहां से इस कार्य को शुरू किया गया है। -सत्येंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक नगर परिषद, नारनौल