प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लगते ही अधिकारियाें और ठेकेदारों ने अनेक कार्य यह कहकर पेंडिंग में डाल दिए कि अब आचार संहिता में कोई काम नहीं होगा। करीब दो माह तक रही आचार संहिता के कारण शहर और जिला में अनेक विकास कार्य थम से गए।
आचार संहिता के कारण इन पेंडिंग कार्यों की ओर अधिकारियाें ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे लोगाें को परेशानी भी हुई। हालांकि लोकसभा चुनाव और मतगणना के बाद अब आचार संहिता हट गई है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि जिला और शहर में पड़े पेंडिंग काम फिर से गति पकड़ने लगेंगे। लोगाें का कहना है कि अगर जल्द ही ये कार्य पूरे नहीं हुए तो विधानसभा चुनावाें के चलते फिर से आचार संहिता लग जाएगी तथा एक बार फिर से काम लटक जाएंगे।
कौन-कौन से होने हैं काम
शहर में कई महत्वपूर्ण गलियाें व सीवर लाइनाें का निर्माण किया जाना है। पिछले कई दिनों से सिंघाना रोड से जमालपुर होते हुए नई सराय तक, मुख्य बाजार से रविदास मंदिर मार्ग तक, रेलवे रोड, मोहल्ला केशव नगर, दया नगर, खड़खड़ी, पुरानी मंडी व मिश्रवाड़ा में कई गलियों का निर्माण अभी शेष है। वहीं कई मोहल्लों में सीवर लाइन का कार्य भी अटका हुआ है।
खरकबोंद (भिवानी) से नारनौल होकर एनएच आठ को जोड़ने वाला फोर लेन
इस महत्वपूर्ण फोरलेन का निर्माण करने वाली कंपनी की धरोहर राशि सरकार ने जब्त कर ली है तथा इसके निर्माण को लेकर अभी संशय है मगर इस मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की जा चुकी है तथा लोगाें को मुआवजा भी दिया जा चुका है। नए सांसद चौ. धर्मबीर अपनी सभाआें में इस मार्ग के निर्माण के बारे में कई बार आवाज उठा चुके हैं। इससे लगता है कि इस मार्ग का निर्माण अब कही हो जाए।
नारनौल बाईपास का निर्माण
नारनौल शहर के लिए बनाए जाने वाले बाईपास का निर्माण भी आचार संहिता के चलते अटका हुआ है। हालांकि यह भी फोरलेन का ही एक हिस्सा था, मगर अब सरकार ने इसको नए सिरे से मंजूरी प्रदान की है। इससे संभावना है कि एक दो माह में इस बाईपास के निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
-नई अनाज मंडी की शिफ्टिंग का काम
शहर में नई अनाज व चारा मंडी कई सालों से बनी हुई हैं। आचार संहिता के समय इस मंडी की दुकानें अलॉट किए जाने के लिए टेंडर व शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू होनी थी मगर वह भी आचार संहिता के कारण अटक गई थी। अब सोमवार को मार्केट कमेटी के अधिकारियाें ने अनाज मंडी का दौरा कर यहां पर जल्द ही मंडी विकसित करने की बात कही है।
नारनौल में नर्सिंग कॉलेज खोलना
शहर में नर्सिंग कॉलेज खोलने की घोषणा एक साल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी। इसके बाद इसके लिए भूमि चयन का कार्य भी हो चुका है मगर अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। आचार संहिता हटने के बाद इस कार्य के पूरा होने की भी उम्मीद है। इसी तरह महरमपुर, मंढाना व डेरोली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण किया जाना है। इनके निर्माण की प्रक्रिया को भी अब गति मिलने की संभावना है।
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण
सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गांव पटीकरा में आयुर्वेेदिक कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद इस ओर तेजी से काम होने लगा था तथा भूमि चयन के अलावा अन्य कार्य भी हो चुके थे। आचार संहिता में यह अटक गया था। हालांकि अब इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
नारनौल में मल्टी स्पेशियलटी अस्पताल का निर्माण
शहर में मल्टी स्पेशियलटी अस्पताल बनाने की घोषणा भी सीएम ने नारनौल रैली में की थी। इसके बाद यहां पर एक नए अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है जो धीमी गति से चल रहा है। आचार संहिता में यह कार्य और भी सुस्त हो गया था। इसके अब तेजी से चलने की उम्मीद है।
चार माह बाद फिर लग सकती है आचार संहिता
लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश में विधानसभा चुनावाें का आगाज होने जा रहा है। अक्टूबर में ये चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में एक माह पूर्व आचार संहिता लग जाती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सितंबर के अंत तक प्रदेश में फिर से आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद फिर से कार्य रुक जाएंगे। वहीं इनका होना और न होना नई आने वाली सरकार पर भी निर्भर रहेगा।