फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: नशे में चालक मिलने पर एजेंसी को दिया नोटिस

Fri, 01 Aug 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
फोटो नंबर- 11लीज पर संचालित बस के टूटे वाइपर को कपडे से बांधकर किया गया जुगाड़। संवाद
विज्ञापन
नारनौल। इन दिनों किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों का संचालन रामभरोसे किया जा रहा है। बीते दो माह में ही दो चालक नशे की हालात में मिल चुके हैं।
विज्ञापन

हालांकि रोडवेज विभाग की तरफ से वीरवार को नशे में मिले चालक को बदल दिया गया था, वहीं एजेंसी को नोटिस दिया गया है। जिले में किलोमीटर स्कीम के तहत 20 बसें संचालित हैं। जब शुक्रवार को इन किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसों के रखरखाव के बारे में पड़ताल की गई तो कई खामी मिली।
किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित अधिकतर बसों में बारिश के दौरान सीसा साफ करने के वाइपर, यात्रियों द्वारा सामान रखने के स्टैंड की टूटी जालियां और स्टेयरिंग के पास तार फैले थे। बारिश के दौरान सीसा साफ करने वाले वाइपर के नहीं चलने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। साथ ही सामान रखने वाली जाली टूटी होने से कई बार सामान यात्रियों के ऊपर ही गिर जाता है।
विज्ञापन

वहीं नारनौल डिपो पर अन्य डिपो से आने वाली किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसों में भी खामियां देखने को मिली। रोडवेज बसों का संचालन निर्धारित मापदंड अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त चालक द्वारा किया जाता है, लेकिन किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसों का संचालन करने वाले चालकों को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। वहीं डिपो अधिकारियों को यह भी जानकारी नहीं होती की किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों के चालक ने कहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया भी है या नहीं।

किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसों के चालकों का कहना नहीं मिलता अवकाश :
किलोमीटर स्कीम के चालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि लीज पर संचालित बसों के चालकों को हफ्ते में एक भी अवकाश नहीं दिया जाता। यदि ड्यूटी के दौरान कुछ भी जरूरी काम हो जाता है तो पहले से सूचना नहीं देने का हवाला देते हुए 2 से 4 हजार रुपये वेतन में से काट लिए जाते हैं। वहीं बस चलाने के लिए भी कोई समय निर्धारित नहीं हैं। बस की मरम्मत का कार्य भी लंबे समय तक नहीं किया जाता है। चालकों ने बताया कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी वेतन में वृद्धि नहीं की गई है। जिस कारण अधिकतर चालक मानसिक तनाव का सामना करते हैं।
विज्ञापन


वर्जन :
शुक्रवार को नशे में बस चलाने वाले ड्राइवर को बदल दिया गया है। एजेंसी को नोटिस दिया गया है। डिपो प्रशासन द्वारा संचालन से पहले प्रत्येक बस की जांच की जाती है और कुछ भी कमी पाए जाने पर बसों का संचालन नहीं किया जाता ताकि बस दुर्घटना का शिकार नहीं बनें।
मनोज कुमार शर्मा, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें