लापरवाह रवैये के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाला नगरपालिका अब कर्मचारियों की लेटलतीफी के लिए भी जाना जाने लगा है। अधिकारी यहां खुद ही वक्त पर नहीं आते तो फिर कर्मचारियों से कोई क्या उम्मीद करे। इसका खामियाजा जनता को परेशान होकर चुकाना पड़ता है। इस महीने के पहले दिन सोमवार को अमर उजाला की टीम ने नगरपालिका कार्यालय का लाइव किया को इस सच से परदा भी उठ गया।
टीम सोमवार की सुबह 9 बजे नगर पालिका कार्यालय पहुंची तो कार्यालय में केवल दो क्लर्क ही बैठे मिले। अधिकारी और अन्य कर्मचारी 10:15 बजे तक भी कार्यालय नहीं आए। बता दें कि नगरपालिका महेंद्रगढ़ के सचिव राजाराम कुछ दिन पहले उस समय सुर्खियों में आए थे जब उनका तबादला मेवात कर दिया गया था। वहीं उसके दो दिन बाद ही उन्हें महेंद्रगढ़ वापस बुला लिया गया है।
हुक्के के कश के बाद होती है शिकायत दर्ज
नपा कार्यालय में बने स्ट्रीट लाइट शिकायत कक्ष में जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो एक कर्मचारी कार्य में लगा हुआ था। वहीं उसकी बगल में ही हुक्का रखा हुआ था। कर्मचारी कार्य निपटाते हुए साथ-साथ में हुक्के के कश लगा रहा था। वहीं साफ हिदायत है कि सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान नहीं किया जा सकता, इसके बावजूद नपा के कर्मियों पर इस कोई असर नहीं पड़ रहा है।
क्या कहते हैं लोग
सैनीपुरा मोहल्ला निवासी गोविंद ने बताया कि वो रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सचिव के हस्ताक्षर करवाने के लिए यहां आया था लेकिन सचिव नहीं पहुंचे। सचिव के इंतजार में उसे डेढ़ से दो घंटे तक बैठना पड़ा है।