नारनौल। जिले की मंडियों में न व्यापारी तय भाव पर बाजरा खरीद कर रहे हैं और न ही सरकारी एजेंसी हैफेड ने खरीद शुरू की है। वहीं, दूसरी तरफ जे-फार्म जारी नहीं होने से किसानों को भावांतर योजना के तहत मिलने वाले 600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ नहीं मिल पाएगा।
जे-फार्म जारी करने के लिए बाजरे का निर्धारित भाव 2301 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन व्यापारी 2100 से 2150 रुपये में ही बाजरा खरीद रहे हैं। तय भाव से कम पर खरीद होने के कारण जे-फार्म जारी नहीं हो पा रहा। नतीजा यह कि बिना जे-फार्म के बाजरा बेचने वाले किसानों को भावांतर का पैसा नहीं मिलेगा।
उधर, जिले की छह मंडियों में हैफेड को खरीद के निर्देश दिए गए थे। उसके कर्मचारी मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन न बाजरे की जांच कर रहे हैं और न खरीद। इसका कारण भावांतर और खरीद निर्देशों की स्थिति साफ न होना बताया जा रहा है।
ज्यादातर किसानों के बाजरे का सत्यापन भी अधूरा है जिससे दिक्कत और बढ़ गई है। फिलहाल किसान अपनी उपज की तुलाई करवाकर मंडियों में बैठे हैं और खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
जिस वाहन में बाजरा लेकर आया, उस पर नंबर प्लेट नहीं थी। इसके बाद दूसरे वाहन में बाजरा लोड कराकर गेटपास कटाया। गेटपास जारी तो हो गया लेकिन एमएफएमबी पर जितने बाजरे का पंजीकरण कराया था, उसका आधा ही ई-खरीद पर सत्यापित हुआ है। कई बार पटवारी को फोन कर चुके लेकिन पटवारी फोन नहीं उठा रहा।
-करण सिंह, किसान, गांव पटीकरा
2300 से कम पर जे-फार्म जारी नहीं हो रहा और खरीद एजेंसी खरीद नहीं कर रही। मार्केट कमेटी अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि सोमवार को ही खरीद के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। ऐसे में मंडी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों को तीन दिन तक खरीद होने का इंतजार करना पड़ेगा।
-राजपाल, किसान, गांव शिमली
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वर्जन :
प्रथम दिन 30 व दूसरे दिन 17 गेटपास जारी किए गए। नियमों के अनुसार ही गेटपास जारी किए जा रहे हैं। किसानों से अपील है कि जानकारी लेकर नियमानुसार बाजरा लेकर मंडी पहुंचे ताकि गेटपास जारी कराने के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।
वर्जन :
जिले की 6 मंडियों में बाजरे की खरीद के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। स्पष्ट निर्देश जारी होने के बाद बाजरे की खरीद शुरू की जाएगी।
-प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।