फोटो संख्या:73- शहर के शंकर कॉलोनी में आराम करते कुत्ते
महेंद्रगढ़। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद भी नगर पालिका शहर में आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम नहीं बनवा पाई है बल्कि पालिका के अधिकारी सिर्फ प्रस्तावों तक ही सीमित रह गए हैं। इस योजना को कागजों से बाहर निकालकर धरातल पर उतारने के लिए कोई बजट तैयार किया गया है।
वहीं सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन 12 से अधिक लोग रैबीज के टीके लगवाने के लिए पहुंच रहे है फिर भी नगर पालिका की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। नगर पालिका के पास शहर में कितने लोगों ने कुत्ते पाल रखा है इसका रिकॉर्ड तक नहीं है। बता दें कि शहर में इस समय आवारा कुत्ते आमजन को काटकर घायल कर दे रहे हैं।
हर सप्ताह अस्पताल में 50 मरीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। नगर पालिका की ओर से अब तक कुत्ता पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है। न ही इसके लिए अधिकारियों ने कभी रुचि दिखाई। दो माह पूर्व भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर पालिका की ओर से कोई योजना तक तैयार नहीं की गई। अब पांच दिन पूर्व हुई बैठक कर प्रस्ताव पास किया गया है। अब कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर पालिका की ओर से न तो कोई ठोस योजना बनाई गई है और न ही कुत्तों के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था की गई।